महाराष्ट्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने AI अलर्ट सिस्टम लागू, 1000 गांवों के लिए 260 करोड़ मंजूर
Maharashtra Forest Department: महाराष्ट्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष थामने के लिए वन मंत्री गणेश नाईक ने 260 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। 1000 गांवों में AI आधारित अलर्ट सिस्टम लगाया जाएगा।
- Written By: रूपम सिंह
AI मानव-वन्यजीव प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Maharashtra Forest Department AI Alert System: मानव वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते मामलों के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य में पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित अलर्ट प्रणाली को एक हजार गांवों में विस्तारित किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि तकनीक से ही इस संकट का समाधान संभव है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए राज्य वन्यजीव मंडल की स्थायी समिति की बैठक में वन मंत्री गणेश नाईक ने करीब 260 करोड़ रुपए की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी।
पहले चरण में दस अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष, दो रेस्क्यू सेंटर और दस उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, राज्य के एक हजार गांवों में एआई-आधारित अलर्ट यंत्रणा लगाई जाएगी। जो वन्य प्राणियों की गतिविधियों की तत्काल जानकारी देगी। पुलिस नियंत्रण कक्ष की तर्ज पर बनने वाले ये दस कंट्रोल रूम डिजिटल सिस्टम से लैस होंगे,
जहाँ से वन विभाग के वाहनों और गस्ती दलों का ट्रैकिंग किया जाएगा। संघर्ष की स्थिति में संबंधितों को तुरंत सचेत किया जा सकेगा। इसके अलावा, 20 स्थानों पर रैपिड रेस्क्यू टीम और दस ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि घायल या पकड़े गए वन्य प्राणियों का त्वरित उपचार हो सके।
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वन विभाग ने ग्रामीणों को इस अभियान से जोड़ने का भी निर्णय लिया है। दो हजार प्राथमिक प्रतिसाद दल (प्राइमरी रिस्पॉन्स टीम) बनाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय लोगों को शामिल किया जाएगा। ये दल वन्यजीवों के हमले या उपद्रव की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगे। साथ ही, फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले हिरण, बंदर और जंगली सूअर को पकड़ने के लिए दो मोबाइल टीमें भी बनाई जाएंगी। बंदरों और सूअरों की संख्या नियंत्रण के लिए दो स्थानों पर नसबंदी केंद्र खोलने का भी प्रस्ताव है।
