Gadchiroli: डीजल की कमी से थमे आवश्यक सेवाओं के वाहन, गडचिरोली में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें
Fuel Crisis Gadchiroli: गडचिरोली जिले में डीजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि किसान, ट्रांसपोर्टर और व्यापारी ईंधन की कमी से भारी परेशान हैं।
- Written By: केतकी मोडक
गड़चिरोली में पेट्रोल पंप
Kharif Season Farmers Agricultural Equipment Requires Diesel: गडचिरोली जिले में पिछले कुछ दिनों से उत्पन्न डीजल संकट अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। डीजल की कमी के कारण आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के पहिए थमने लगे हैं, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ किसान, व्यापारी और वाहन चालक भी भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
जिले के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की अनियमित आपूर्ति के चलते लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कुछ स्थानों पर डीजल खत्म” के बोर्ड भी लगाए गए हैं, डीजल संकट का सीधा असर मालवाहक, सार्वजनिक परिवहन, कृषि कार्य तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति पर दिखाई देने लगा है। ट्रक, ट्रैक्टर, पिकअप वाहन, निजी बसें तथा अन्य भारी वाहन घंटों तक पेट्रोल पंपों पर खड़े रहने को मजबूर हैं।
नहीं मिल रहा पर्याप्त डीजल
कई वाहन चालकों का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा है। इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ रहा है। वर्तमान में खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और खेतों की जुताई, बुआई पूर्व कार्य, सिंचाई तथा कृषि उपकरणों के संचालन के लिए डीजल अत्यंत आवश्यक है। लेकिन डीजल की कमी के कारण किसानों के कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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गडचिरोली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हाथों में कैन लेकर पेट्रोल पंपों पर भटकते किसानों का दृश्य आम हो गया है। कई किसानों ने बताया कि एक पेट्रोल पंप पर डीजल नहीं मिलने पर दूसरे गांव या कस्बे के पंप पर जाना पड़ रहा है। वहां भी लंबी कतारों के कारण पूरा दिन बर्बाद हो रहा है। कुछ पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। डीजल संकट के कारण बाजार व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है।
ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक सब्जियां, दूध, किराना सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति धीमी पड़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो परिवहन लागत बढ़ने के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।
हाथों में कैन लेकर भटक रहे किसान
डीजल की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर दिखाई दे रहा है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच ट्रैक्टर, पंप और कृषि उपकरणों के लिए डीजल जरूरी होने के बावजूद किसानों को गांव-गांव घूमकर डीजल तलाशना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में डीजल दिए जाने से किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे है। इससे समय और पैसे दोनों का नुकसान हो रहा है।
पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें
जिले के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही ट्रक, ट्रैक्टर, बस और अन्य वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। कई वाहन चालकों को घंटों इंतजार के बाद भी डीजल नहीं मिल पा रहा है। कुछ स्थानों पर डीजल खत्म होने से वाहन चालकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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नियमित डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करे
- यातायात व्यवसाय से जुड़े लोगों ने भी प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। मालवाहक वाहनों को पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से कई वाहन खड़े रखने की नौबत आ गई है। कुछ ट्रांसपोर्टरों को जिले के बाहर से डीजल लाना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, पानी सप्लाई तथा जनरेटर आधारित सेवाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
- नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। हालांकि डीजल संकट के पीछे आपूर्ति में बाधा, परिवहन में देरी अथवा वितरण व्यवस्था की समस्या जैसी वजहें बताई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित तेल कंपनियों से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमित डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
