स्वच्छता पखवाड़ा सिर्फ फोटो सेशन तक सीमित, मालेगांव में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप
Malegaon cleanliness: मालेगांव में सफाई व्यवस्था बिगड़ी, संक्रामक बीमारियां जैसे डेंगू और मलेरिया बढ़ीं। नागरिकों ने स्वास्थ्य संकट और स्वच्छता सुधार के लिए मनपा से ठोस कदम उठाने की मांग की।
- Written By: अर्पित शुक्ला
स्वच्छता पखवाड़ा सिर्फ फोटो सेशन तक सीमित, मालेगांव में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप
Malegaon News: मालेगांव मनपा सीमा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह बिगड जाने के कारण डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों ने भयावह रूप धारण कर लिया है। कई घरों में दो-तीन लोग बीमार पड गए हैं और अस्पतालों में भीड बढ रही है। नागरिकों के स्वास्थ्य पर मंडराते इस खतरे पर तुरंत ध्यान देकर उचित उपाययोजना करने की मांग आम्ही मालेगांवकर विधायक संघर्ष समिति ने मनपा आयुक्त तथा प्रशासक रविंद्र जाधव को ज्ञापन के माध्यम से की है।
मनपा की ओर से डोर-टू-डोर कचरा संकलन का ठेका कोणार्क कंपनी को दिया गया है, वहीं शहर की सफाई के लिए दिग्विजय संस्था और मानधन वाले कर्मचारी कार्यरत हैं। बावजूद इसके, उचित नियोजन के अभाव में सडकों पर कचरे के ढेर लगे रहते हैं। बरसात में मच्छरों का प्रकोप न बढे, इसके लिए आवश्यक धुआंकर्म व दवा छिडकाव अपेक्षित था, लेकिन वह पर्याप्त रूप से नहीं किया गया। नतीजतन, शहर में डेंगू, मलेरिया और डेंगू-सदृश रोगियों की संख्या तेजी से बढ रही है।
भूमिगत गटर योजना की जगह-जगह पाइपलाइन से रिसाव होने के कारण नागरिकों को दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इसी प्रदूषित पानी के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या बढ रही है।
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स्वच्छता पखवाड़ा सिर्फ फोटो सेशन तक सीमित
देशभर में स्वच्छता पखवाडा चलाया जा रहा है, लेकिन मालेगांव में यह कार्यक्रम कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ केवल फोटो सेशन तक सीमित रह गया है, ऐसा आरोप निवेदन में किया गया है। नागरिकों में मनपा के खिलाफ तीव्र नाराजगी है और आने वाले नवरात्र-दीवाली त्योहारों से पहले स्वास्थ्य संकट और गहराने की आशंका जताई गई है। आवारा जानवरों पर कार्रवाई करें; सुनंदा पाटील के परिवार को 10 लाख मदद दें। मालेगांव शहर में आवारा जानवर बडी संख्या में घूमते हैं जिससे यातायात बाधित होता है, दुर्घटनाएँ बढती हैं और नागरिकों पर हमले की घटनाएँ घटित होती हैं।
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इसी पृष्ठभूमि में सुनंदा अहिरे पाटील की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई। नागरिकों की शिकायतों के बावजूद मनपा ने केवल प्रेस नोट्स में खोखले दावे किए। निवेदन में आवारा जानवरों के मालिकों पर आपराधिक कार्रवाई करने तथा स्व. सुनंदा पाटील के परिवार को 10 लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। निवेदन प्रस्तुत करते समय निखिल पवार, विवेक वारुले, गुलाब पगारे, भरत पाटील, प्रवीण चौधरी, दीपक पाटील, कैलास शर्मा, तुषार पाटील, अर्जुन भाटी, गोपाल सोनवणे, सुशांत कुलकर्णी, किशोर गढरी, विकी पाटील, सनी जगताप, अनिल जाधव, निलेश पाटील, प्रवीण जाधव आदि उपस्थित थे।
