प्याज खरीद मूल्य पर भड़के किसान: 2023 में 2,410 रुपये, अब सिर्फ 1,235 क्यों? सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
Onion Procurement Price: केंद्र सरकार द्वारा 1,235 प्रति क्विंटल पर प्याज खरीदने के फैसले का महाराष्ट्र के किसान संगठन ने विरोध किया है। उन्होंने इसे अन्याय बताते हुए तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी।
- Written By: रूपम सिंह
प्याज खरीद (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Nashik Onion Procurement Price: केंद्र सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों से 1,235 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदने की घोषणा की है, लेकिन महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संगठन ने इस निर्णय को किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सातारा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में यह घोषणा की। भारत दिघोले का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत के मुकाबले घोषित दर बेहद कम है और किसानों के साथ अन्याय करने वाली है।
2023 में 2,410, तो 2026 में सिर्फ 1,235 रुपये क्यों?
भारत दिघोले ने सवाल उठाया कि अगस्त 2023 में प्याज के दाम गिरने के बाद केंद्र सरकार ने 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की घोषणा की थी। अब जबकि बीज, खाद, मजदूरी, दवाइयां, परिवहन, बिजली और भंडारण की लागत में भारी वृद्धि हो चुकी है, तब किसानों को उससे भी आधे से कम दाम क्यों दिए जा रहे हैं? उन्होंने सरकार से पूछा कि जब 2023 में 2,410 रुपये प्रति क्विंटल का भाव संभव था, तो आज महंगाई के दौर में कम से कम 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव देने में क्या कठिनाई है?
इससे किसानों की उत्पादन लागत भी नहीं निकलेगी
संगठन का कहना है कि प्याज उत्पादन में किसानों को भारी खर्च करना पड़ता है। कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं। बाजार में दाम गिरने से उत्पादन लागत भी नहीं निकल पाती। ऐसे में 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का भाव किसानों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ाने वाला है। पिछले कुछ महीनों में अनेक किसानों को बहुत कम दाम पर प्याज बेचना पड़ा। संगठन ने मांग की है कि सरकार द्वारा घोषित मूल्य और किसानों को वास्तव में मिले मूल्य के बीच का अंतर, कम से कम 1,500 रुपये प्रति क्विंटल के रूप में, सीधे नासिक किसानों के बैंक खातों में जमा किया जाए।
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आंदोलन की चेतावनी
भारत दिघोले ने चेतावनी दी है कि यदि प्याज उत्पादक किसानों के साथ अन्याय जारी रहा तो राज्यभर में तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्याज उत्पादक किसान देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें उत्पादन लागत से कम मूल्य देना अन्याय है। सरकार तत्काल अपने निर्णय में सुधार करे और किसानों को न्याय दे, अन्यथा महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसान सड़कों पर उतरेंगे।
संगठन की प्रमुख मांगें
- सभी पात्र किसानों का प्याज कम से कम 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाए।
- कम दाम पर प्याज बेचने वाले किसानों को मूल्य अंतर की भरपाई दी जाए।
- ONAFED और NCCF के खरीद केंद्र तुरंत शुरू किए जाए।
- खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाया जाए।
- प्याज निर्यात बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ठोस कदम उठाए।
