अवैध खनन पर नकेल: अब कलेक्टर से लेनी होगी मंजूरी, स्टोन क्रशर और अवैध उत्खनन पर राज्य सरकार सख्त
Chandrashekhar Bawankule: महाराष्ट्र सरकार ने अवैध खनन और स्टोन क्रशर पर सख्ती बढ़ाते हुए 500 से 25,000 ब्रास तक के उत्खनन के लिए अब जिलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य कर दी है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Illegal Mining (सोर्सः AI जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
Illegal Mining Maharashtra: नासिक अवैध उत्खनन और नियम विरुद्ध चल रहे स्टोन क्रशरों पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब 500 से लेकर 25,000 ब्रास तक के खनन कार्य के लिए सीधे जिलाधिकारी (कलेक्टर) की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इससे पहले, 2000 ब्रास तक के खनन के लिए उपमंडल अधिकारी (SDO) और 500 ब्रास तक के लिए तहसीलदार अनुमति देते थे।
राजस्व मंत्रालय को राज्य भर से अवैध लघु खनिज उत्खनन की सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी पृष्ठभूमि में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने यह सख्त निर्णय लिया है, जिसके संबंध में जल्द ही आधिकारिक शासनादेश (GR) जारी होने की संभावना है। इसके साथ ही बालू, मिट्टी, मुरूम और गिट्टी जैसे लघु खनिजों के रात में उत्खनन पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है, जिसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नासिक में करोड़ों का जुर्माना
गौण खनिज शाखा के आंकड़ों के अनुसार, नासिक जिले में 1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच अवैध उत्खनन के कुल 250 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 5 करोड़ 5 लाख 97 हजार 602 रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसमें से 194 मामलों में कार्रवाई पूर्ण कर 3 करोड़ 23 लाख 64 हजार 466 रुपये की वसूली की जा चुकी है।
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अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी अवैध खनन को बढ़ावा देंगे या रेत माफियाओं और खनन माफियाओं का संरक्षण करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दोषी अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने के साथ-साथ उनके विरुद्ध सख्त विभागीय जांच के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं। इस निर्णय से उत्खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
