राज्य में कृषि विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल, उर्वरक लिंकिंग और साथी ऐप के विरोध, 45 हजार दुकानें बंद

Nashik Agro Dealers: महाराष्ट्र में उर्वरक लिंकिंग, कम मार्जिन और ‘साथी’ ऐप के विरोध में कृषि विक्रेताओं ने 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, जिससे राज्यभर की लगभग 45 हजार दुकानें बंद रहेंगे।
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Dealers Strik (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Nashik Agri Dealers Strike: रासायनिक उर्वरकों पर कम मार्जिन, जबरन लिंकिंग और साथी ऐप के माध्यम से बीज बिक्री की अनिवार्यता के विरोध में महाराष्ट्र फर्टिलाइजर्स, पेस्टिसाइड्स, सीड्स डीलर्स एसोसिएशन (माफदा) ने सोमवार 27 अप्रैल से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है। नासिक एग्रो डीलर्स एसोसिएशन (नाडा) ने इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

इस हड़ताल के कारण राज्य भर के लगभग 45 हजार और नासिक जिले के 5 हजार कृषि निवेश विक्रेताओं की दुकानें बंद रहने का दावा किया गया है। नाडा के अध्यक्ष अरुण मुळाणे ने बताया कि विक्रेताओं को होने वाली प्रताड़ना के खिलाफ यह कड़ा कदम उठाया गया है। संगठन का मुख्य आरोप है कि विक्रेताओं द्वारा सीलबंद उर्वरकों की बिक्री करने के बावजूद उनके खिलाफ सीधे फौजदारी मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।

माफदा की मुख्य आपत्तियां:

  • विक्रेताओं ने सरकार की नीतियों और कंपनियों के रवैये पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं:
  • अनिवार्य लिंकिंग: उर्वरक कंपनियों द्वारा विक्रेताओं पर अन्य उत्पादों को खरीदने का दबाव बनाया जाना।
  • दमनकारी कानून: सीलबंद कृषि सामग्री बेचने पर भी सीधे विक्रेता को सजा क्यों दी जा रही है।
  • साथी ऐप: नए 'साथी' ऐप के माध्यम से बीज बिक्री की अनिवार्यता को जाचक बताया गया है।
  • अवैध बिक्री: अनधिकृत एजेंटों के माध्यम से सीधे किसानों को बेचे जा रहे अवैध कीटनाशकों और उर्वरकों पर रोक लगाने की मांग।
  • इंस्पेक्टर राज: निरीक्षण के नाम पर बढ़ते 'इंस्पेक्टर राज' और एक्सपायरी माल वापस न लेने की शर्तों का विरोध।

नाडा का सक्रिय सहयोग

नाडा के उपाध्यक्ष रामभाऊ माळोदे, महासचिव युवराज पाटिल और कोषाध्यक्ष ललित जाधव सहित अन्य पदाधिकारियों ने जिले के सभी विक्रेताओं से इस बंद में शामिल होने की अपील की है। विक्रेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और प्रशासन उनकी समस्याओं पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बंद से खरीफ सीजन की पूर्व तैयारियों में जुटे किसानों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।