Maharashtra Farm Loan Waiver प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Shinde Committee Farmer Debt Data: महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा बजट सत्र से पहले किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने किसान ऋण माफी (Loan Waiver) की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए राज्य के सभी बैंकों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इस कदम को सरकार द्वारा किसानों के बकाया कर्ज को माफ करने के एक स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आने की उम्मीद है।
सरकार ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे उन सभी किसानों का डेटा तैयार करें जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना ऋण नहीं चुकाया है। यह जानकारी सीधे सरकार द्वारा गठित विशेष समिति को भेजी जाएगी, जो बजट से पहले वित्तीय भार का आकलन करेगी।
राज्य सरकार ने ऋण माफी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए शिंदे समिति का गठन किया है। इस समिति ने बैंकों से 30 जून 2025 से 30 सितंबर 2025 के बीच बकाया ऋण वाले किसानों की विस्तृत जानकारी मांगी है। अरविंद शिंदे ने इस प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला सेवा समिति, बैंक जांच अधिकारी और शाखा अधिकारियों के माध्यम से गांव-गांव से डेटा एकत्र किया जा रहा है। इसमें रजिस्ट्रार और सरकारी अधिकारियों का भी पूरा सहयोग लिया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र किसान इस योजना से वंचित न रहे।
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हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुई कार्य सलाहकार समिति की बैठक में बजट सत्र की रूपरेखा तय की गई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बार के बजट को ‘किसान-केंद्रित’ बनाने की तैयारी में है।
लक्ष्य: ऋण के बोझ तले दबे छोटे और सीमांत किसानों को राहत देना।
समय सीमा: सितंबर 2025 तक के बकाया कर्ज को इसमें शामिल किए जाने की संभावना है।
रणनीति: बैंकों से डेटा मिलने के बाद सरकार सीधे किसानों के खातों में लाभ पहुंचाने के लिए ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) का उपयोग कर सकती है।
चुनावों से पहले सरकार का यह दांव मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
आर्थिक राहत: पिछले कुछ वर्षों में बेमौसम बारिश और सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए यह संजीवनी साबित हो सकती है।
बैंकों को निर्देश: बैंकों को स्पष्ट कहा गया है कि वे डेटा संकलन में पारदर्शिता बरतें ताकि केवल जरूरतमंद किसानों को ही लाभ मिले।
वित्तीय प्रबंधन: सरकार अब इस बात पर विचार कर रही है कि इस भारी-भरकम कर्ज माफी के लिए वित्तीय बजट का आवंटन कैसे किया जाए। यदि यह घोषणा बजट सत्र में होती है, तो यह महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी ऋण माफी योजनाओं में से एक हो सकती है।