नासिक के दिंडोरी में तेंदुए से 10 मिनट तक भिड़ा 60 साल का बुजुर्ग मजदूर; डंडे के सहारे बचाई अपनी जान, दहशत
Nasik Leopard Attack: नासिक के दिंडोरी में 60 वर्षीय बुजुर्ग बालू धुले ने गन्ने के खेत में तेंदुए से 10 मिनट तक संघर्ष कर अपनी जान बचाई। घटना के बाद इलाके के किसानों और मजदूरों में भारी दहशत है।
- Written By: रूपम सिंह
बुजुर्ग बालू धुले, तेंदुए (सोर्स- सोशल मीडिया)
Dindori Leopard Attack Balu Dhondiram Dhule: महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तहसील स्थित ओझे गांव में 60 वर्षीय खेत मजदूर ने करीब 10 मिनट तक तेंदुए से संघर्ष कर अपनी जान बचा ली। मजदूर का नाम बालू धोंडीराम धुले है। उनके साहस की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।
यह घटना ओझे गांव के किसान प्रवीण शिंदे के गन्ने के खेत में हुई। खेत में पानी भरने का काम चल रहा था। इसी दौरान बालू धुले गन्ने की कतारों में पानी की स्थिति देखने गए थे। तभी अचानक गन्ने के बीच से एक मादा – तेंदुआ बाहर निकल आया।
उसने जोर-जोर -से दहाड़ते हुए धुले पर हमला करने की कोशिश की। अचानक सामने आए तेंदुए को देखकर धुले घबरा गए, लेकिन उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए हाथ में मौजूद डंडे से अपना बचाव किया।
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इलाके में दहशत, वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग
नासिक तेंदुए ने 3 बार हमला करने का प्रयास किया, लेकिन घुले ने फुर्ती से उसे खुद पर झपटने नहीं दिया। इसी बीच गन्ने के खेत में तेंदुए के शावकों की हलचल होने लगी, जिससे मादा तेंदुए का ध्यान भटक गया, मौके का फायदा उठाकर धुले वहां से भाग निकले। कांटेदार झाड़ियों के बीव से भागते समय उनके हाथ, पैर और सिर पर मामूली चोटें आईं, लेकिन उन्होंने सुरक्षित स्थान तक पहुंचकर अपनी जान बचा ली।
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घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मजदूर तैयार नहीं हो रहे हैं, जिससे किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओझे क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से तेंदुओं की आवाजाही बढ़ गई है। नागरिकों ने वन विभाग से तत्काल पिजरे लगाकर तेंदुओं को पकड़ने की मांग की है। बालू धुले ने बताया, उस समय लगा था कि अब बचना मुश्किल है।
