नासिक में डिजिटल माध्यम से घर-घर जनगणना शुरू; नागरिकों से पूछे जाएंगे 34 सवाल, दस्तावेज दिखाना जरूरी नहीं

Nasik Digital Census 2026: नासिक में 16 मई से घर-घर जाकर डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रगणक नागरिकों से 34 सवाल पूछेंगे, लेकिन कोई भी बैंक विवरण या पहचान दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।
Door-to-door digital census has started in Nashik from May 16. Officials will ask 34 questions, but citizens are not required to show personal identity documents.
डिजिटल जनगणना (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Door to Door Survey Nasik Digital Census 2026 भारत सरकार के जनगणना अभियान की शुरुआत 1 मई से हो चुकी है। इसके तहत 'स्वगणना' का चरण हाल ही में पूरा हुआ है। इसके बाद अब शनिवार 16 मई से घर-घर जाकर जनगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीएलओ और पर्यवेक्षक नागरिकों के घरों में जाकर परिवार और मकान संबंधी जानकारी दर्ज करेंगे। देश में वर्ष 2011 के बाद पहली बार जनगणना की जा रही है।

यह अभियान 1 मई से 14 जून तक जिला प्रशासन द्वारा शहर और जिलेभर में चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर स्वगणना से की गई थी। नासिक जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया मानी जाती है।

घरगणना के तहत इस बार डिजिटल माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाएगी। जिला प्रशासन ने नासिक जिले के लिए 33 चार्ज अधिकारियों की निगरानी में 7,555 प्रगणक और 1,288 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।

घर-घर जाकर जनगणना प्रक्रिया शुरू

प्रशासन के अनुसार, घर पर आने वाले प्रगणक नागरिकों से कुल 34 प्रश्न पूछेगे। इनमें मकान का निर्माण, उपलब्ध सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की जानकारी, वाहनों की संख्या, डिजिटल उपकरणों सहित अन्य जानकारियां शामिल होंगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स, बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं है और न ही कोई अधिकारी ऐसी जानकारी मांगेगा। इसी बीच जिले में 1 मई से शुरू हुई स्व-गणना प्रक्रिया के तहत अब तक 38 हजार 77 नागरिकों ने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है।

स्वगणना पूरी करने वाले नागरिकों को एसईआईडी (SEID) प्राप्त हुआ है। यह आईडी घर पर आने वाले बीएलओ को दिखानी होगी, जिससे दोबारा जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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