बेहतर संवाद ही सफलता की कुंजी, बच्चों के दोस्त बनें माता-पिता: KTHM कॉलेज प्रिंसिपल
Student Communication: KTHM कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. के. एम. अहिरे ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों से माता-पिता नहीं, बल्कि दोस्त की तरह संवाद करें, ताकि वे आत्मविश्वास और सफलता की राह पर बढ़ सकें।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Higher Education Hindi News: नासिक प्रसिद्ध केटीएचएम कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. के. एम. अहिरे ने अभिभावकों (पेरेंट्स) को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों के साथ केवल माता-पिता की तरह नहीं, बल्कि एक सच्चे दोस्त की तरह व्यवहार करें, वे कॉलेज में आयोजित विशेष ‘पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग’ को संबोधित कर रही थीं। डॉ. अहिरे ने जोर देकर कहा कि आज के बदलते समय में बच्चों के साथ बेहतर संवाद ही उनकी सफलता की कुंजी है।
मजबूत रिश्तों से संवरेगा छात्र का भविष्य
इस महत्वपूर्ण बैठक में मविप्र के एजुकेशन ऑफिसर डॉ. के. एस. शिंदे, आर्ट्स ब्रांच के हेड आर. एस. पवार, कॉमर्स ब्रांच के हेड गवले, एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट के हेड पवार और प्रो. अशोक बोडके सहित कई शिक्षाविद मौजूद थे।
बैठक के दौरान डॉ. अहिरे ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। पेरेंट्स मीटिंग का मुख्य उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच के रिश्ते को अधिक गहरा और पारदर्शी बनाना है।
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पेरेंट्स को केवल मीटिंग का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि समय-समय पर कॉलेज जाकर यह देखना चाहिए कि उनका बच्चा क्लास में रेगुलर है या नहीं और कॉलेज की सुविधाओं का सही लाभ उठा रहा है या नहीं।
सोशल मीडिया और आधुनिक चुनौतियां
उन्होंने उन अभिभावकों की सराहना की जो नियमित रूप से अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के बारे में पूछते हैं। आज की नई पीढ़ी के सामने मौजूद चुनौतियों पर बात करते हुए प्रिसिपल ने कहा कि वर्तमान समय में छात्र सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग करते है, इसलिए पेरेंट्स के लिए यह जानना जरूरी है कि उनका बच्चा डिजिटल दुनिया में क्या कर रहा है।
यदि पेरेंट्स बच्चों को दोस्त मानेंगे, तो इस उम्र में बच्चे अपनी समस्याएं और विचार खुलकर साझा कर पाएंगे, जिससे उनके व्यक्तित्व में
निखार आएगा।
डॉ. अहिरे ने स्पष्ट किया कि कॉलेज प्रशासन हमेशा अभिभावकों की उम्मीदी और उनके रचनात्मक सुझावों का स्वागत करता है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर हो सके।
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कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. उत्तम पवार ने किया, वहीं, प्रो. अशोक बोडके ने कार्यक्रम का प्रस्तावना भाषण दिया और अंत में सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे और उन्होंने कॉलेज के इस उपक्रम की सराहना की।
