चर्नी रोड-गिरगांव पुल विवाद, सैफी अस्पताल के खिलाफ जनता का प्रदर्शन, समर्थन में उतरे मंत्री लोढ़ा
Girgaon Bridge Protest: मुंबई के चर्नी रोड-गिरगांव पुल निर्माण को लेकर सैफी अस्पताल के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसमें मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा शामिल हुए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Charni Road Girgaon bridge controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Citizens Protest: चर्नी रोड-गिरगांव पुल के विरोध को लेकर सैफी हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। गिरगांव पुल बचाव समिति और मंगलवाड़ी-केलेवाड़ी रेजिडेंट्स एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को नागरिकों ने अस्पताल के गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा भी शामिल हुए। उन्होंने आंदोलनकारियों को विश्वास दिलाया कि गिरगांवकरों के हक का पुल बनकर रहेगा।
पुल निर्माण पूरा करने का संकल्प दोहराते हुए मंत्री लोढ़ा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन की मनमानी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “गिरगांवकरों के अधिकार के लिए यह पुल बनकर रहेगा। प्रशासन और जनता के हितों के खिलाफ किसी को भी विकास का रास्ता रोकने नहीं दिया जाएगा।”
चार साल से लटका हुआ है काम
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पिछले चार वर्षों से पुल के निर्माण कार्य में लगातार बाधा डाली है। चर्नी रोड और गिरगांव को जोड़ने वाले इस पुल के अभाव में स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गिरगांव पुल बचाव समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दो लोगों की जान भी जा चुकी है।
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करीब डेढ़ साल पहले अदालत के आदेश के बाद पुल का काम शुरू हुआ था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने फिर से आपत्ति उठाकर निर्माण कार्य रोक दिया। अब मुंबई महापालिका के नए कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस मुद्दे पर केंद्रित कराने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।
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वर्षों से जारी है संघर्ष
मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा पिछले तीन वर्षों से इस पुल के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पालिका स्तर पर पहल कर पुल को मंजूरी दिलाई और फंड भी उपलब्ध कराया था। अस्पताल की ओर से दायर याचिका को अदालत ने खारिज कर पालिका को काम जारी रखने की अनुमति दी थी।
बताया जा रहा है कि लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई है। इसी के विरोध में शनिवार को यह आंदोलन किया गया। इस दौरान नगरसेविका स्नेहल तेंदुलकर, गौरांग झवेरी, रवि सानप, शैलेश पोद्दार, दीपक तलेकर और गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
