अब आधी कीमत पर मिलेगी ‘विदेशी वाइन’, आयात शुल्क में कटौती की तैयारी; स्थानीय वाइन उद्योग में चिंता
Nashik wine Import Duty Cut: विदेशी वाइन, वोदका और शैंपेन की कीमतें आयात शुल्क में संभावित कटौती से घट सकती हैं। 150% ड्यूटी को 20% तक लाने की चर्चा के बीच स्थानीय वाइन उद्योग ने चिंता जताई है।
- Written By: अंकिता पटेल
Foreign Wine Price Reduction ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Foreign Wine Price Reduction: शौकीनों के लिए अब विदेशी वाइन, वोदका और शैंपेन खरीदना सस्ता हो सकता है, क्योंकि इनकी कीमतें लगभग आधी होने की संभावना है। हालांकि, दूसरी ओर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) में कटौती के कारण स्थानीय वाइन उत्पादकों में डर का माहौल है।
उन्हें आशंका है कि विदेशी वाइन की अधिकता के कारण ग्राहक स्थानीय उत्पादों से मुंह मोड़ लेंगे, आयात शुल्क में भारी कटौती की तैयारी: अखिल भारतीय वाइन उद्योग महासंघ ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
भारत और अमेरिका के बीच वाइन आयात समझौते पर चर्चा चल रही है। यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूके के साथ किए गए समझौतों के तहत, 150 प्रतिशत आयात शुल्क को घटाकर 20 प्रतिशत तक लाया जा रहा है। अमेरिका के साथ भी इसी तरह की नीति अपनाए जाने की संभावना है।
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स्थानीय कृषि और अर्थव्यवस्था पर संकट
अखिल भारतीय वाइन उद्योग महासंघ के अध्यक्ष जगदीश होलकर ने कहा कि अगर भारत में न बनने वाली प्रीमियम और महंगी वाइन सस्ती होती है, तो हमें खुशी है लेकिन हमारी प्राथमिकता यह है कि यहां की अंगूर और फल खेती बची रहनी चाहिए, यदि 5 से 20 डॉलर की श्रेणी वाली वाइन पर शुल्क कम किया गया, तो भारत में विदेशी स्पिरिट की बाढ़ आ जाएगी, जो एक गलत नीति होगी।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
होलकर ने माग की है कि सस्ती विदेशी वाइन पर 150 प्रतिशत का शुल्क बरकरार रखा जाना चाहिए। इस विषय में नासिक के अंगूर उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए सांसद सुप्रिया सुले सहित पांच से छह सांसदों के एक शिष्टमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर अपनी मांगे रखी है। महासंघ ने सरकार से वाइन उद्योग के विकास और स्थानीय कृषि के संरक्षण के बीच एक संतुलित निर्णय लेने का आग्रह किया है।
शुल्क कटौती का गणित
वर्तमान आयात शुल्कः 150 प्रतिशत।
प्रस्तावित शुल्कः 20 प्रतिशत (विभिन्न देशों के साथ समझौतों के तहत)।
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असरः विदेशी वोदका, वाइन और शैपेन की कीमतों में 50% तक की कमी संभव।
चिंता: 5 से 20 डॉलर की सस्ती विदेशी वाइन से भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
