10 बांधों में जमा हुआ 33 प्रतिशत पानी, किसान और जल उपभोक्ता 3 सितंबर तक कर सकते हैं अप्लाई
इस बार मानसून के अच्छे प्रतिसाद के कारण 28 लघु परियोजनाओं और 10 डैम में लगभग 33 प्रतिशत पानी जमा हो गया है। जिसका उपयोग किसान और पानी उपभोक्ता कर सकते हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
जायकवाड़ी डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Nashik News In Hindi: नासिक सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इगतपुरी, त्र्यंबकेश्वर, नासिक, सिन्नर, दिंडोरी और चांदवड़ तहसीलों में 28 लघु परियोजनाओं और 10 बांधों में 33 प्रतिशत पानी उपलब्ध हो चुका है।
इस पानी का लाभ उठाने के लिए, किसान और जल उपभोक्ता संगठन 3 सितंबर, 2025 को शाम 6.15 बजे तक निकटतम सिंचाई शाखा कार्यालय में अपने आवेदन जमा करें। नासिक सिंचाई विभाग की कार्यपालक अभियंता सोनल शहाणे ने यह अपील की है।
चारा फसलों को दी जाएगी प्राथमिकता
इस उपलब्ध जल में तिलहन और चारा फसलों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि परियोजना में पानी की मांग उपलब्धता से अधिक है, तो मांग क्षेत्र को कम करके स्वीकृति दी जाएगी। जिन किसानों को लिफ्ट सिंचाई की स्थायी स्वीकृति का विस्तार दिया गया है, वे भी आवेदन कर सकते हैं। जायकवाड़ी बांध के लिए पानी छोड़े जाने के संबंध में न्यायालयीन निर्णय या शासन के निर्णय के अनुसार जलापूर्ति की कार्रवाई की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
Ashadha Maas: 30 जून से शुरू होगा आषाढ़ मास, भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना हो सकता है भारी नुकसान
शहीद परिवारों को बड़ी राहत, महाराष्ट्र में कृषि भूमि हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी पूरी तरह माफ
Ulhasnagar Municipal Corporation की बड़ी कार्रवाई, राशन विभाग से 2.25 करोड़ रुपये का बकाया कराया वसूल
ठाणे में ‘Wake Up Thanekar’ अभियान की शुरुआत, विकास परियोजनाओं में जनभागीदारी की उठी मांग
ये भी पढ़ें :- श्रम विभाग के प्रस्ताव पर फूटा नासिक के मिल कर्मचारियों का गुस्सा, हर दिन करना होगा 9-10 घंटे काम
गैरकानूनी जल उपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई
क्षेत्रीय अधिकारी को बकाया राशि वाले लाभार्थियों या काली सूची में शामिल लाभार्थियों को पानी देने से इनकार करने का अधिकार होगा। साथ ही, नहर पर स्वीकृत लाभार्थियों के अलावा कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रिक कार, तेल इंजन या पाइपलाइन के माध्यम से पानी लेने का प्रयास न करे। ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि जलापूर्ति के दौरान बारिश कम हो जाती है या किसी आपदा के कारण पेयजल संग्रहण की आवश्यकता होती है, तो दिए गए लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
