अशोक खरात केस: ED की रडार पर रुपाली चाकणकर के रिश्तेदार, बहन प्रतिभा और भांजे को भेजा समन
Rupali Chakankar Sister ED Case: नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष रुपाली चाकणकर की बहन और भांजे को पूछताछ के लिए तलब किया है।
- Written By: आकाश मसने
अशोक खरात, इनसेट- रुपाली चाकणकर व उनकी बहन प्रतिभा चाकणकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
ED Summons Pratibha Chakankar: नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रुपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा चाकणकर और उनके बेटे तन्मय चाकणकर को समन जारी किया है। प्रतिभा चाकणकर और तन्मय चाकणकर से समता नागरी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के भीतर किए गए वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
अशोक खरात मामले की जांच में फर्जी खातों का एक नेटवर्क सामने आया है, जिसमें 70 करोड़ रुपए के लेन-देन शामिल हैं। खरात मामले में ED की जांच ने अब तेजी पकड़ ली है। प्रतिभा तथा तन्मय चाकणकर दोनों को अगले सप्ताह पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
समता नागरी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी में संदिग्ध लेनदेन
पिछले कुछ सालों में समता नागरी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी में 4 खास खातों के जरिए 1.20 करोड़ से लेकर 2.40 करोड़ रुपए तक के वित्तीय लेन-देन किए गए। ये सभी बैंक खाते अशोक खरात से जुड़े हुए थे। आरोप है कि खरात 134 से ज्यादा प्रॉक्सी खातों को चलाता था। इन सभी खातों में खरात का नाम नॉमिनी के तौर पर दर्ज था।
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इसके अलावा, इन सभी खातों को खोलने की प्रक्रिया के दौरान एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, प्रतिभा चाकणकर ने पहले ही यह स्पष्टीकरण जारी कर दिया है कि ये सभी खाते फर्जी हैं और इन्हें जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके खोला गया था।
क्या बोलीं प्रतिभा चाकणकर?
प्रतिभा चाकणकर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि यह खाते पूरी तरह से धोखाधड़ी वाले हैं। उनका दावा है कि ये खाते उनकी जानकारी या सहमति के बिना, जाली हस्ताक्षरों का उपयोग करके खोले गए थे।
70 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की आशंका
ED की जांच में सामने आया कि 2022 और 2024 के बीच इन खातों में 70 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। अशोक खरात पर धार्मिक गतिविधियों की आड़ में लोगों से आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों को इकट्ठा कर उसके दुरुपयोग का आरोप है। इन दस्तावेजों के जरिए कई बेनामी और फर्जी खाते खोले गए, जिनका बाद में पैसों की लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया गया।
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बैंकिंग सिस्टम पर भी उठे सवाल
इस मामले के संबंध में पूछताछ के लिए क्रेडिट सोसाइटी के एक निदेशक संदीप कोयाते को भी बुलाया गया है। ED फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि बैंक ने कोई ‘रेड फ्लैग’ तंत्र लागू क्यों नहीं किया, जबकि एक ही मोबाइल नंबर और एक ही नॉमिनी का इस्तेमाल करके कई खाते खोले गए थे।
