अधिवेशन में गूंजा मालेगांव का ‘डोंगरले कांड’, एक महीने में फांसी दो! MLA सुहास कांदे की आक्रामक मांग

Dongarle Case Malegaon: नागपुर विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मालेगांव के डोंगरले बालिका अत्याचार व हत्याकांड पर विधायक सुहास कांदे ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और फांसी की सजा की मांग की।
अधिवेशन में गूंजा मालेगांव का ‘डोंगरले कांड’
अधिवेशन में गूंजा मालेगांव का ‘डोंगरले कांड’ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur Assembly Winter Session: मनमाड-मालेगांव के डोंगरले बालिका यौन अत्याचार और हत्याकांड का मामला शनिवार को नागपुर में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गूंज उठा। नांदगांव के शिवसेना विधायक सुहास कांदे ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से आक्रामक रुख अपनाते हुए मांग की कि इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए और आरोपी को एक महीने के भीतर फांसी की सजा दी जाए।

उपमुख्यमंत्री का आश्वासन: त्वरित कार्रवाई होगी

विधायक कांदे के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर पहले राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने जवाब दिया, लेकिन इससे कांदे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हस्तक्षेप कर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में राज्य में नाबालिग बच्चियों के साथ यौन अपराध और हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का वक्तव्य

“पिछले कुछ समय में छोटी बच्चियों पर यौन अत्याचार और हत्या के मामलों में वृद्धि हुई है। कार्रवाई तो होती है, लेकिन त्वरित और कठोर सजा नहीं मिलने से अपराधियों में कानून का भय नहीं बन पा रहा है। मुख्यमंत्री से चर्चा कर इस मामले में विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति की जाएगी, प्रकरण को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा और समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि आरोपी को कठोरतम सजा दिलाई जा सके।”

विधायक कांदे की मांग: कानून का खौफ जरूरी

विधायक सुहास कांदे ने सदन में घटना की गंभीरता रेखांकित करते हुए कहा कि तीन वर्षीय मासूम बच्ची, जिसे दुनिया की समझ भी नहीं थी, उसके साथ अमानवीय अत्याचार कर क्रूर हत्या की गई। पीड़ित परिवार की पीड़ा शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का भय स्थापित होना जरूरी है। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, महिला न्यायाधीश की नियुक्ति की जाए और एक महीने के भीतर आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने मंत्री के बयान को सदन के पटल पर रखने की भी मांग की।

घटना की पृष्ठभूमि

मालेगांव के डोंगरले क्षेत्र में 16 नवंबर को 24 वर्षीय आरोपी विजय खैरनार ने एक तीन वर्षीय बालिका के साथ यौन अत्याचार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना से न केवल मालेगांव और नाशिक जिला, बल्कि पूरा महाराष्ट्र स्तब्ध रह गया था। घटना के विरोध में व्यापक जनआक्रोश और आंदोलन हुए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बलात्कार, हत्या सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। वर्तमान में आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

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