प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Maharashtra Cities: धुलिया शहर की सार्वजनिक सेवाओं को नई रफ्तार देने के इरादे से धुलिया महानगरपालिका ने वर्ष 2026-27 के लिए 914.25 करोड़ रुपार का मूल बजट मंजूर किया है। ई-बस योजना, प्रभाग समिति कार्यालय और मनपा स्कूलों के आधुनिकीकरण जैसी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं इस बजट का मुख्य आकर्षण हैं। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि इतने विशाल बजट के बावजूद साल के अंत में महापालिका के खजाने में सिर्फ 72.21 लाख रुपए की शेष राशि रहने का अनुमान है, जिसने नगर निगम के वित्तीय प्रबंधन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
गुरुवार 22 जनवरी को हुई प्रशासकीय स्थायी समिति की विशेष बैठक में इस बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया, बैठक की अध्यक्षता आयुक्त एवं प्रशासक नितीन कापड़नीस ने की। इस दौरान नगरसचिव मनोज वाघ, उपायुक्त स्वालिहा मालगावे और मुख्य लेखाधिकारी बालासाहेब तडू सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त ने कहा कि बजट में शहर के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है और यह पूरी तरह ‘यथार्थवादी है।
इतनी बड़ी योजनाओं और सीमित शेष निधि के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये योजनाएं कागजों से उतरकर धरातल पर समय पर पूरी हो पाएंगी? यदि किसी योजना की लागत बढ़ती है या सरकारी अनुदान में देरी होती है, तो महज 72 लाख की बचत के साथ मनपा स्थिति को कैसे संभालेगी? यह बजट ‘विकास बनाम वित्तीय जोखिम’ का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।
नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए शहर को चार प्रभागों में बांटा आएगा। देवपुर (नवरंग जलकुंभ), पुराने धुले (स्कूल नं. 5) और अशोक नगर में प्रभाग समिति कार्यालय शुरू होंगे। इन कार्यालयों में नागरिक सुविधा केंद्र भी होंगे, जिससे लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए – मुख्य मुख्यालय नहीं दौड़ना पड़ेगा।
बजट के वित्तीय आकड़े चिता पैदा करने वाले हैं: 2025-26 का अनुमानः खर्च 679.47 करोड रुपए, शेष 13.55 करोड़ रुपए 2026-27 का अनुमानः खर्च 913.51 करोड़ रुपए, शेष मात्र 72.21 लाख रुपए, विशेषज्ञों के अनुसार, 900 करोड़ से अधिक के बजट में 1 करोड़ से भी कम की बचत आपातकालीन स्थितियों के लिए भारी पह सकती है।
बजट में कुछ बड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। शहर में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए इलेट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
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गरीबों को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए एक आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना होगी।
पाचकंदोल, संत सावता माळी और वलवाड़ी जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक संकुल और आधुनिक सब्जी मंडियां विकसित की जाएंगी ताकि मनपा की अपनी आय बढ़ सके।