Devendra Fadnavis on Nashik IT Company Case (फोटो क्रेडिट-X)
Devendra Fadnavis on Nashik IT Company Case: महाराष्ट्र के नासिक में एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय आईटी (IT) कंपनी के भीतर महिलाओं के यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के चौंकाने वाले खुलासे के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर अपनी पहली कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक “गंभीर संगठित साजिश” करार दिया है। फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र की धरती पर, विशेषकर कॉर्पोरेट सेक्टर में, इस तरह का कोई भी ‘रैकेट’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नासिक के दो अलग-अलग पुलिस थानों में अब तक कुल 9 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 6 संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
नाशिक पोलिसांनी तात्काळ कारवाई करुन जबरदस्तीने धर्मांतर करणाऱ्यांचा पर्दाफाश केला. नाशिक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जबरन धर्मांतरण कराने वालों का भंडाफोड़ किया। ( बीड | 9-4-2026)#Maharashtra #Beed pic.twitter.com/wwbKZSFzng — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) April 9, 2026
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह बेहद चौंकाने वाला है कि एक टेक्नोलॉजी कंपनी के भीतर महिलाओं का यौन शोषण किया गया और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। नासिक पुलिस ने जिस तत्परता से इस मामले को उजागर किया है, वह सराहनीय है।” उन्होंने संकेत दिए कि प्रशासन इसे केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक जिहादी गिरोह की संगठित गतिविधि के रूप में देख रहा है, जिसका उद्देश्य बेरोजगार और जरूरतमंद हिंदू युवतियों को निशाना बनाना था।
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जांच में सामने आया है कि कंपनी के ‘टीम लीडर्स’ और वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों से हिंदू महिला और पुरुष कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। जरूरतमंद लड़कियों को नौकरी का लालच देकर भर्ती किया जाता था और फिर उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था।
हैरानी की बात यह है कि केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारी भी इस गिरोह का शिकार हुए। सतारा से आए एक युवक को जबरन नमाज पढ़ने, कलमा सीखने और रमजान में रोजा रखने के लिए मजबूर किया गया। उसे मांसाहारी भोजन खाने के लिए भी प्रताड़ित किया गया।
नासिक पुलिस ने इस मामले में अब तक छह संदिग्धों को दबोच लिया है, जिनके नाम आसिफ अंसारी, शफी शेख, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार, शाहरुख कुरैशी और दानिश शेख हैं। हालांकि, मामले की एक मुख्य कड़ी निदा खान अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि SIT इस बात की गहराई से जांच करेगी कि क्या इस गिरोह के तार किसी अंतरराष्ट्रीय या बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। उन्होंने आईटी सेक्टर के अन्य कर्मचारियों से भी अपील की है कि यदि उनके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है, तो वे बिना डरे पुलिस से संपर्क करें।