अशोक खरात के खिलाफ सिन्नर में एक और FIR दर्ज, नासिक कोर्ट ने फिर 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

Ashok Kharat Case: खुद को चमत्कारी बताने वाले अशोक खरात पर यौन शोषण और जमीन हड़पने के संगीन आरोप लगे हैं। नासिक कोर्ट ने खरात को फिर से 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
Ashok Kharat Police Custody
अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ashok Kharat Police Custody: नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात का साम्राज्य अब ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है। खरात की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं क्योंकि अदालत ने उसे अब तीसरे मामले में 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। एक तरफ जहां उस पर यौन शोषण के घिनौने आरोप हैं, वहीं दूसरी तरफ किसानों की जमीन हड़पने का नया मामला सिन्नर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

दूसरे मामले की 7 दिन की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद अशोक खरात को अदालत में पेश किया गया। इसी दौरान एसआईटी ने उसे तीसरे मामले में अपने कब्जे में लिया। सरकारवाडा पुलिस थाने में दर्ज इस तीसरे मामले में उस पर 7 महीने की गर्भवती महिला के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप है।

पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर गर्भवती से दुष्कर्म

शिकायत के अनुसार, सुरक्षित प्रसव और पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई जज बीएन इचपुराणी की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। जांच अधिकारी अमोल भारती ने अदालत को बताया कि आरोपी अशाेक खरात लोगों को नकली सांप और बाघ दिखाकर डराता था और 'मंत्रित' पत्थर व अन्य वस्तुएं बेचकर ठगी करता था। महिलाओं को नशीला पदार्थ खिलाकर शोषण किए जाने की भी आशंका जताई गई है, जिसकी जांच अभी बाकी है। सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि आरोपी से पेनड्राइव और लैपटॉप जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच के लिए आमने-सामने पूछताछ जरूरी है। साथ ही, कई महिलाएं अब सामने आ रही हैं और आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए पुलिस हिरासत जरूरी है। बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि एसआईटी पहले से ही जांच कर रही है और बार-बार हिरासत की जरूरत नहीं है। हालांकि, अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खरात को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

किसानों की जमीन पर मंदिर बनाने का झांसा

इसी बीच, सिन्नर पुलिस थाने में खरात और उसकी पत्नी कल्पना के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज हुआ है, जिससे कुल मामलों की संख्या बढ़ गई है। आरोप है कि खरात ने 'दैवी शक्ति' का दावा करते हुए मिरगांव क्षेत्र में किसानों को उनकी जमीन पर मंदिर बनाने का झांसा दिया और विरोध करने पर जादू-टोना से नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। वर्ष 2003-04 के दौरान खरात दंपति ने करीब 16।50 एकड़ जमीन महज 15 लाख रुपये में अपने नाम करवाई। इस जमीन में ईशान्येश्वर मंदिर, फार्म हाउस और बागान शामिल हैं। इस मामले में जादूटोना विरोधी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

नकली रत्न लाखों रुपये में बेचा

जांच में यह भी सामने आया है कि खरात भक्तों को सस्ते और नकली रत्न लाखों रुपये में बेचता था और नकली जानवरों के जरिए डराकर ठगी करता था। उसके कई कथित कारनामों का खुलासा होने के बाद अब तक उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं। लगातार सामने आ रहे नए मामलों के चलते अशोक खरात की कानूनी मुश्किलें और गहराती जा रही हैं, और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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