
नाशिक : नाशिक शहर (Nashik City) की लाइफ लाइन (Life Line) सिटीलिंक बस (CityLink bus) का किराया 5 फीसदी (Percent) तक बढ़ा दिया गया है। मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के मौके (Occasion) पर यह किराया वृद्धि की गई है। कोरोना (Corona) की मार जहां आम लोगों पर पड़ रही है वही बस सेवा भी इससे अछूता नहीं है। कोरोना की वजह से बस की कमाई कम हो गई है। इसकी नुकसान भरपाई के लिए किराया बढ़ाने की बात सिटीलिंक बस प्रशासन ने कही है। लेकिन सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इस बात की जानकारी महापौर सतीश कुलकर्णी को नहीं है। उन्हें जानकारी देने पर उन्होंने इस पर आश्चर्य जताया।
महानगरपालिका के सहयोग से शहर में सिटीलिंक बस सेवा शुरू हुई है। लेकिन जब से बस सेवा शुरू हुई है तब से यह नुकसान में चल रही है। पिछले वर्ष जुलाई में शुरू हुई इस बस सेवा के किराए में पहली बार बढ़ोतरी की गई है। लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रतिबंधों के कारण सिटीलिंक को पर्याप्त संख्या में सवारियां नहीं मिल रही है। इससे सिटीलिंक बस सर्विस का नुकसान बढ़ता जा रहा था। इसी वजह से किराया बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। सही अर्थों में किराए में 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कुछ जगहों के लिए किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है जबकि लंबी दूरी के बस किराए में तीन रुपए की बढ़ोतरी की गई है। सिटीलिंक प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बस प्रबंधन की तरफ से पहली बार किराया बढ़ाया गया है। अब अगले साल जनवरी में ही किराया बढ़ाया जाएगा।
महानगरपालिका की जब बस सेवा शुरू हुई थी उस वक्त डीजल 60 रुपए प्रति लीटर मिल रहा था। मौजूदा समय में डीजल 100 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। उसके हिसाब से खर्च बढ़ गया है। किराए में 5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है इसका ज्यादा असर नागरिकों पर नहीं होगा। सिटीलिंक प्रशासन ने बताया कि मौजूदा समय में सीएनजी अपर्याप्त मात्रा में मिल रही है जिससे परेशानी हो रही है। पहले पुणे से पांच टैंकर सीएनजी आता था लेकिन अब चार टैंकर आ रहा है।
[blockquote content=”पहले सिटीलिंक अपना सर्विस ठीक करें। लोगों को घंटों बस का इंतजार करना पड़ता है। इनके ड्राइवर और कंडक्टर मनमानी करते है। बस सेवा में सुधार करके किराया बढ़ाया तो सही है। लेकिन फिलहाल जो सर्विस है वह बेहद खराब है। ऐसे में बस किराया बढ़ाना पूरी तरह से गलत है। मैं तो इसका विरोध करूंगी। कई भागों में इनकी सर्विस नहीं है। पहले उन भागों में सर्विस शुरू करें।” pic=”” name=”- सरोज अहिरे, विधायक”]
[blockquote content=”इस मामले में बस प्रबंधन को बुलाकर चर्चा की जाएगी। अगर बस किराया अनावश्यक है तो प्रबंधन को इसे कम करने के लिए कहेंगें। सोमवार को इस संबंध में प्रबंधन से चर्चा कर निर्णय लेंगे। ” pic=”” name=”- सतीश कुलकर्णी, महापौर”]
फिलहाल सिटीलिंक की 148 बसें सड़कों पर है। इनमें से 48 बसे डीजल पर जबकि 100 बसे सीएनजी पर चल रही है। बीच के दिनों में बस सेवा को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा था। पहले हर दिन 60 हजार लोग बस से सफर कर रहे थे लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से अब हर दिन 45 हजार लोग ही बसों से सफर कर रहे है। इसकी वजह से सिटीलिंक की कमाई कम हो गई है। हर महीने 2 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
[blockquote content=”हर जगह किराया नहीं बढ़ाया है। शून्य से 2 किलोमीटर की दूरी में आज भी 10 रुपए का किराया है। बच्चों के हाफ टिकट का किराया नहीं बढ़ाया है। लंबी दूरी के लिए अधिकतम किराये में 3 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। शून्य से पांच किलोमीटर की दूरी में 1 रुपए किराया है। हम हर साल जनवरी में 5 फीसदी किराया बढ़ाएंगे। ” pic=”” name=”– मिलिंद बंड, जनरल मैनेजर, सिटीलिंक”]
नाशिक में सिटीलिंक जो मौजूदा समय में किराया वसूल रही है उसकी तुलना में पुणे और मुंबई में बस का किराया काफी कम है। पुणे में 10 किलोमीटर के सफर के लिए 15 रुपए का टिकट है जबकि सिटीलिंक इसके लिए 25 रुपए वसूल रही है।






