PMPML में बार-बार तबादलों से परिवहन व्यवस्था पर असर, 19 साल में बदले 23 अध्यक्ष

Pune Metropolitan Transport Corporation में आईएएस अधिकारियों के लगातार तबादलों से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विकास पर सवाल उठने लगे हैं। 19 वर्षों में 23 अध्यक्ष बदल चुके हैं।
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पीएमपीएमएल (सौ. सोशल मीडिया )
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PMPML Leadership Changes Impact: पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) में आईएएस अधिकारियों के लगातार हो रहे तबादलों ने शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विकास पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

पिछले 19 वर्षों में पीएमपी ने 23 अध्यक्षों का चेहरा देखा है, जिससे यह स्पष्ट है कि नेतृत्व में निरंतरता की कमी ने संस्थान की प्रगति को बुरी तरह प्रभावित किया है। हाल ही में अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पंकज देवरे का तबादला उनके कार्यकाल के 8 से 9 महीने के भीतर ही कर दिया गया, जिसके बाद महेश आव्हाड ने गुरुवार 12 मार्च को पदभार संभाला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह अल्प समय में अधिकारियों को बदला जाता रहा तो दीर्घकालिक योजनाओं का क्रियान्वयन और शहर की परिवहन समस्याओं का समाधान नामुमकिन हो जाएगा। संस्थान के इतिहास पर नजर डालें तो तुकाराम मुंढे, ओमप्रकाश बकोरिया, सचिंद्र प्रताप सिंह, संजय कोलते और दीपा मुधोल-मुंडे जैसे कई धुरंधर अधिकारियों को भी उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटा दिया गया।

परियोजनाएं हो रहीं प्रभावित

बार-बार होने वाले बदलावों के कारण परियोजनाएं बीच में ही लटक जाती हैं और नीतिगत निर्णयों में स्थायित्व नहीं रहता। पीएमपीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी इस अस्थिरता को लेकर गहरी नाराजगी है। अब सबकी निगाहें नए अध्यक्ष महेश आव्हाड पर टिकी है कि वे इस चुनौतीपूर्ण पद पर कब तक बने रहते हैं और पुणे के यात्रियों की सुविधाओं के लिए क्या ठोस निर्णय लेते हैं। इस पर सबकी नजरें टिक गई है। बार-बार बदलते नेतृत्व के बीच पुणेकर अब यह उम्मीद कर रहे है कि प्रशासन इस परिवहन सेवा को स्थिर और सुदृढ़ बनाने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाएगा।

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