BJP Operation Vistaar (सोर्सः सोशल मीडिया)
BJP Corporators Nashik: नासिक महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के 72 नगरसेवक चुने जाने के बावजूद इस संख्या को संतोषजनक नहीं मानते हुए मंत्री गिरीश महाजन ने एक बार फिर सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भाजपा की ताकत बढ़कर 78 से 80 नगरसेवकों तक पहुँच सकती है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि किन दलों के नगरसेवक भाजपा में शामिल होंगे या उसे समर्थन देंगे।
मंत्री गिरीश महाजन नव-निर्वाचित भाजपा नगरसेवकों से संवाद कर रहे थे, उसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया। वर्तमान में 122 सदस्यीय नासिक महानगरपालिका में भाजपा के 72 नगरसेवक हैं, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) के 26, शिवसेना (ठाकरे गुट) के 15, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के 4, कांग्रेस के 3, मनसे का 1 और 1 अपक्ष नगरसेवक शामिल है। ऐसे में इनमें से कौन भाजपा के पाले में आता है, इसे लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार कांग्रेस के नगरसेवकों के भाजपा में जाने की संभावना लगभग नहीं के बराबर है। हालांकि मनसे, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) और अपक्ष नगरसेवकों के भाजपा को समर्थन देने की चर्चा चल रही है। वहीं शिवसेना के शिंदे गुट और ठाकरे गुट के विपक्ष की भूमिका में ही बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी रणनीति पर बोलते हुए मंत्री महाजन ने कहा कि कुंभमेले की पृष्ठभूमि में यह चुनाव भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। उन्होंने स्वीकार किया कि टिकट वितरण में अव्यवस्था और कुछ स्तरों पर नाराजगी के कारण चुनाव से महज तीन दिन पहले आया सर्वे पार्टी के लिए खास सकारात्मक नहीं था। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सभा हुई, जिससे माहौल बदलने लगा।
महाजन ने बताया कि वे लगातार तीन दिन नासिक में मौजूद रहे और इस दौरान उन्हें नींद तक नहीं मिली। नाराजगी दूर करने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और मतदाताओं तक पहुँचने के प्रयासों का ही परिणाम रहा कि भाजपा को सफलता मिली। हालांकि मनचाहा आंकड़ा हासिल नहीं हो सका, जो और बढ़ सकता था, यह भी उन्होंने स्वीकार किया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टिकट वितरण में हुई गड़बड़ी को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। त्र्यंबकेश्वर विधानसभा चुनाव में हार के बाद नासिक महानगरपालिका चुनाव भाजपा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था, यह भी उन्होंने रेखांकित किया। महाजन ने सवाल उठाया कि यदि मित्र दलों के साथ गठबंधन किया जाता, तो भाजपा केवल 75 सीटों पर ही चुनाव लड़ पाती। ऐसे में 72 सीटें हासिल करना संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि जलगांव में जितने उम्मीदवार खड़े किए गए, उतने ही जीतकर आए और वह भाजपा की 100 प्रतिशत जीत दर्ज करने वाली पहली महानगरपालिका बनी।
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