धनुष-बाण और घड़ी का असली हकदार कौन? आज सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई! बदल सकता है महाराष्ट्र का सियासी नक्शा

Shiv Sena & NCP Party Symbols: सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना और NCP के भविष्य पर अंतिम सुनवाई शुरू। धनुष-बाण और घड़ी चुनाव चिन्ह पर कल आ सकता है बड़ा फैसला। महाराष्ट्र की राजनीति में मचेगी खलबली।
Supreme Court begins final hearing on Shiv Sena & NCP party names and symbols.
धनुष बाण और घड़ी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Supreme Court On Shiv Sena - NCP Symbol Row: शिवसेना व राकां पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई शुरू होगी। ऐसी रिपोर्ट है कि दो दिनों तक अंतिम बहस के बाद गुरुवार को इस बारे में फैसला आ सकता है। जिसके बाद इन दोनों पार्टियों का भविष्य तय होगा। शिवसेना में फूट के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग शिवसेना पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह धनुष बाण डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे गुट को दे दिया है।

चुनाव आयोग के इस फैसले को पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती है। जिस पर चल रही सुनवाई अब अपने अंतिम मुकाम तक पहुंच गई है। इसी तरह राकां में भी अजीत पवार ने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करते हुए पार्टी के नाम व चुनाव चिन्ह घड़ी पर कब्जा कर लिया है।

इसके खिलाफ शरद पवार गुट ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर अब फैसले की बारी है। इस तरह गुरुवार का दिन महाराष्ट्र की राजनीति में काफी ऐतिहासिक होने वाला है।

बीएमसी मेयर पद के लिए चल रही खींचतान

सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना में होने वाली अहम सुनवाई ऐसे समय में हो रही है, जब मुम्बई में बीएमसी के मेयर पद के लिए बीजेपी शिंदे गुट में खींचतान चल रही है। जानकारों का कहना है कि इस फैसले का बड़ा इम्पैक्ट मेयर के चुनाव पर भी होगा। अगर फैसला शिंदे गुट के पक्ष में आता है तो एकनाथ शिंदे बड़ी मजबूती के साथ बाउंस बैक करेंगे और अगर पासा पलट गया तो एकनाथ राजनीतिक रूप से अनाथ भी हो सकते हैं।

अगर उद्धव ठाकरे के पक्ष में आया फैसला...

जानकारों का कहना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उद्धव ठाकरे के पक्ष में आता है और उन्हें शिवसेना पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह धनुष बाण वापस मिल जाएगा। यह शिंदे गुट लिए बड़ा झटका होगा। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान के शिंदे गुट के वकील पार्टी के नाम व चुनाव चिन्ह पर कब्जा बनाए रखने के लिए जोरदार बहस करेंगे। वहीं उद्धव गुट की ओर माना जा रहा है कि जाने माने वकील कपिल सिब्बल मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे।

ऐसे में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले पर महाराष्ट्र समेत पूरे देश की नजरें टिकी होंगी। सुप्रीम कोर्ट में राकां पर होने वाली सुनवाई के मद्देनजर शरद पवार गुट में भी हलचल है। हालांकि जिस तरह से हाल के के दिनों में महानगरपालिका चुनाव के दौरान चाचा-भतीजा बीच नजदीकियां बढ़ी है। उस वजह से ठाकरे-शिंदे की तरह कटुता का माहौल पवार गुटों में नहीं है।

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