प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Beti Bachao Beti Padhao Nashik: केंद्र और राज्य सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पहल के अंतर्गत नासिक जिले में विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जिले के येवला, कलवन, देवला और दिंडोरी तहसीलों में स्किल डेवलपमेंट और करियर गाइडेंस विषय पर विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में चारों तहसीलों के कुल 512 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट, एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप गाइडेंस सेंटर, नासिक के सहायक आयुक्त वी. रा. रिसे ने बताया कि आज के बदलते दौर में विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित न रखते हुए, उन्हें रोजगारोन्मुख और उद्यमशील बनाने के उद्देश्य से यह वर्कशॉप आयोजित की गई।
वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्तमान कॉम्पिटिटिव युग में सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल, तकनीकी ज्ञान, कम्युनिकेशन स्किल और इनोवेटिव सोच भी उतनी ही जरूरी है। विशेषज्ञों ने रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न अवसरों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस वर्कशॉप में—
येवला तहसील के एमजीवीएस आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के 60 विद्यार्थी,
कलवन तहसील के आरकेएम स्कूल के 173 विद्यार्थी,
देवला तहसील के कर्मवीर रामरावजी आहेर आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस कॉलेज के 145 विद्यार्थी,
दिंडोरी तहसील के केआरटी स्कूल के 134 विद्यार्थी
कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट, एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप गाइडेंस सेंटर, नासिक के गाइडेंस ऑफिसर सागर मोहिते और सिद्धार्थ पवार, करियर गाइडेंस एक्सपर्ट शेख और बेलमामे, एमजीवीएस आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के प्राचार्य बी. वी. गेम, आरकेएम विद्यालय, कलवन के प्राचार्य तथा केआरटी हायस्कूल, वनी के प्राचार्य जी. डी. पाटिल उपस्थित थे।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर, स्वरोजगार योजनाएं, स्टार्टअप, स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम और करियर प्लानिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। साथ ही छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का संदेश भी दिया गया।
यह भी पढ़ें:-खेती महंगी, विकल्प कम: दाम नहीं मिले फिर भी प्याज ही उगाएंगे, नासिक के किसानों की मजबूरी
यह वर्कशॉप विद्यार्थियों के लिए न केवल मार्गदर्शक साबित हुई, बल्कि उन्हें अपने करियर को लेकर सही दिशा चुनने में भी मददगार बनी। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।