रोजगारक्षम कौशल पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन, एआई से साइबर सिक्योरिटी तक; युवाओं के लिए नए अवसर

National Seminar: संभाजीनगर में रोजगारक्षम कौशल वृद्धि पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। एआई, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी व क्लाउड कंप्यूटिंग में करियर अवसरों पर मार्गदर्शन दिया गया।
National seminar organized on employable skills, from AI to cybersecurity; new opportunities for youth.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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PM Higher Education Scheme: छत्रपति संभाजीनगर प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत वाणिज्य विभाग की ओर से 'रोजगारक्षम कौशल वृद्धि कार्यक्रम' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन देवगिरी कॉलेज, विद्याधन कॉलेज व माइंड क्राफ्ट बी स्कूल इंडिया प्रालि की ओर से किया गया।

इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी व क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में व्यापक अवसरों की जानकारी दी। उद्घाटन जीएसटी उपायुक्त निलेश शेवालकर ने किया, इस अवसर पर सीए सपना लुनावत, सुनील गोमलाडू, उपप्राचार्य गणेश मोहिते, डॉ. अपर्णा तावरे, प्रा. अर्चना करपे, डॉ. कैलाश ठोंबरे सहित अन्य लोग मौजूद थे।

व्यवसाय के लिए तैयारी जरूरी

राष्ट्रीय संगोष्ठी में 186 शोधार्थी, छात्र व प्रोफ़ेसर शामिल हुए। वाणिज्य विभाग प्रमुख डॉ. राजेश लहाने ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवि पाटील ने कहा कि इससे छात्रों में उद्योग-स्नेही कौशल व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित होता है। पहले तकनीकी सत्र में शेवालकर ने 'भविष्य के कौशल व उभरते रोजगार अवसर' विषय पर मार्गदर्शन कर उन्होंने छात्रों को 'विद्यार्थी धर्म' पुस्तक की प्रतियां भी भेंट कीं।

ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग लाभदायी

प्रा. बोरा दूसरे सत्र में प्रा. चंदन बौरा ने ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को रोजगार व शिक्षा के बीच की दूरी कम करने का प्रभावी माध्यम बताया। सत्र के कोऑर्डिनेटर डॉ. अविनाश धोत्रे थे।

तीसरे सत्र में सीए भावेश रावल ने औद्योगिक भूमिकाओं के लिए इंटरव्यू कौशल पर ऑनलाइन मार्गदर्शन किया। इस सत्र की समन्वयक डॉ प्रणीता चिटणीस थीं।

चौथे सत्र में दीपक आनंदन ने एचआर प्रोफाइल स्क्रीनिंग व इंटरव्यू तैयारी पर प्रकाश डाला। इस सत्र की समन्वयक प्रा. स्नेहा अशोक थी।

प्रा. अमृता पाटील ने आभार माना। सफलता के लिए आयोजक संस्थानों के प्राध्यापकों व कर्मियों ने विशेष परिश्रम किए।

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