खेती महंगी, विकल्प कम: दाम नहीं मिले फिर भी प्याज ही उगाएंगे, नासिक के किसानों की मजबूरी

Nashik Onion Farmers: नासिक के कासमडे इलाके में बेमौसम बारिश से गर्मियों की प्याज की रोपाई देर से हो रही है। दाम न मिलने के बावजूद किसान उम्मीद में प्याज उगाने को मजबूर हैं।
Farming is expensive, and options are limited: Even if they don't get a good price, farmers in Nashik will still grow onions – it's their only option
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Onion Price Crisis: नासिक कासमडे इलाके में गर्मियों की प्याज बड़ी मात्रा में लगाई जाती है। लेकिन इस साल बेमौसम बारिश की वजह से प्याज की पौध देर से लगाई जा रही है। जिन किसानों की पौध अच्छी थी, उन्होंने जल्दी लगा दी।

पिछले साल गर्मियों की प्याज लगाई गई थी। अब तक प्याज बिक तो गया है, लेकिन दाम नहीं मिला है। इस वजह से किसानों के लिए खेती करना महंगा हो गया है, लेकिन सवाल यह है कि दूसरी कौन सी फसल उगाएं? इस साल किसानों ने गेहूं उगाना शुरू कर दिया है।

यह कहावत मशहूर हो गई है कि प्याज सस्ता बेचेंगे, लेकिन प्याज तो उगाएंगे ही। गर्मी में मिलती है प्याज की अच्छी कीमत किसान दाम मिलने या न मिलने की उम्मीद में गर्मियों की प्याज बड़ी मात्रा में लगाते हैं।

मजदूरों की तलाश करने में करनी होती है मशक्कत

अब, क्योंकि हर जगह गर्मी की प्याज की रोपाई का मौसम है, तो लेबर नहीं मिल रहे हैं। तब किसानों को बाहर जाकर लेबर ढूंढनी पड़ती है। उन्हें बाहर जाकर लेबर लाने पड़ते मुल्हेर, अलियाबाद, सुरगाना से लेबर एक महीने के लिए आते थे।

जिन किसानों के पास लेबर लाने और छोड़ने के लिए गाड़ियाँ हैं, वे उन्हें अपनी गाड़ियों में लाते हैं। लेकिन, जिन किसानों के पास गाड़ी नहीं है, उन्हें रिक्शे पर निर्भर रहना पड़ता है।

रिक्शे वाले गांव से बाहर जाकर मजदूरों को लाते हैं और किसानों के खेतों में छोड़ देते हैं। शाम को वे उन्हें वापस उनके गांव छोड़ देते हैं। प्याज की खेती की वजह से मजदूरों की फसल अच्छी हुई है।

अधिक बरसात से इस बार कम पैदावार

इस फसल को कैश क्रॉप के तौर पर देखा जाता है। गर्मियों की प्याज की खेती अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से नवंबर के आसपास 15 दिसंबर तक की जाती है। कुछ सालों से कुएं में पानी मार्च से अप्रैल तक रहता है। कुएं में पानी कम होता जा रहा है। लेकिन इस साल ज्यादा बारिश होने की वजह से प्याज की पौध खराब हो गई, लेकिन किसान गर्मी के बीज बोकर और पौध तैयार करके प्याज लगा रहे हैं। ठंड गर्मी की प्याज की फसल के लिए बहुत फायदेमंद है।

ठंड में होती है प्याज की अच्छी फसल

जानकार किसानों को लगता है कि इस साल अच्छी बारिश होने की वजह से ठंड मार्च तक रहेगी। अगर ठंड एक महीने तक भी रहती है, तो प्याज की फ़सल अच्छी होगी। लेकिन जब से हर जगह प्याज की रोपाई चल रही है, लेबर की कमी हो गई है।

पहले लेबर आसानी से मिल जाती थी। पहले बागवानी की खेती छोटी थी। पढ़ाई का लेवल कम था, खेती के लिए लेबर आसानी से मिल जाती थी। लेकिन अब खेती के विकास की वजह से जो लेबर पहले काम करते थे।

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