नासिक कुंभ से पहले एआई सुरक्षा पर सवाल, सांसद वाजे ने जताया साइबर खतरा; लोकसभा में गूंजा मुद्दा
Nashik Kumbh Mela: राजाभाऊ वाजे ने नासिक कुंभ के लिए एआई सीसीटीवी सिस्टम में साइबर खतरे की आशंका जताई, कहा- तकनीकी खामी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम बन सकती है।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Smart Surveillance( Source: Social Media )
Nashik Smart Surveillance: नासिक में आयोजित होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की सुरक्षा के लिए स्थापित की जा रही एआई आधारित सीसीटीवी और ट्रैफिक सर्विलांस प्रणाली को लेकर गंभीर साइबर सुरक्षा खतरे की आशंका जताई गई है।
नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे ने लोकसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि इस प्रणाली में तकनीकी खामियां रहीं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
अत्याधुनिक तकनीक और संभावित जोखिम
सांसद वाजे ने सदन को बताया कि प्रस्तावित प्रणाली में फेशियल रिकग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और केंद्रीकृत कमांड सेंटर शामिल हैं।
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हालांकि यह तकनीक निगरानी के लिए प्रभावी है, लेकिन इसके साथ कई संवेदनशील जोखिम भी जुड़े हैं, हैकिंग या अनधिकृत प्रवेश की स्थिति में करोड़ों श्रद्धालुओं, संतों और वीवीआईपी मार्गों की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक हो सकती है। अपराधियों द्वारा एआई एल्गोरिदम के साथ छेड़छाड़ कर गलत पहचान बताने या बच निकलने की आशंका है।
विदेशी हार्डवेयर के इस्तेमाल से डेटा चोरी का खतरा
संवेदनशील प्रणालियों में असुरक्षित विदेशी हार्डवेयर के इस्तेमाल से डेटा चोरी का बैकडोर खतरा बना रहता है। कुंभ मेले की वैश्विक महत्ता को देखते हुए सासद वाजे ने केंद्र सरकार से तत्काल निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है पूरे सर्विलास सिस्टम का राष्ट्रीय स्तर पर अनिवार्य साइबर सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर द्वारा तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित हो।
सुरक्षा की दृष्टि से सभी डेटा सर्वर भारत की भौगोलिक सीमा के भीतर ही सुरक्षित रखें जाए। संवेदनशील नेटवर्क में संदिग्ध विदेशी उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। सिस्टम को लाइव करने से पहले स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा ‘पेनिट्रेशन टेस्टिंग’ कराई जाए।
गृह मंत्रालय से विशेष निगरानी का सुझाव
सांसद वाजे ने गृह मंत्रालय के अंतर्गत कुभ मेले के लिए एक विशेष साइबर मॉनिटरिंग सेल स्थापित करने का सुझाव दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभमेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक साख का प्रतीक है। ऐसे में सूचना लीक होना केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता का मुद्दा बन सकता है।
संभावित खतरों का ‘चेकलिस्ट’
हैकिंग: सीसीटीवी और कमांड सेंटर में अनधिकृत प्रवेश, फीड में छेडछाड़ फर्जी या बदले हुए विजुअल्स दिखाना, सिस्टम फैल्योर ऐन वक्त पर नेटवर्क टप होना, इनसाइडर ग्रेटः अंदरूनी कर्मचारियों द्वारा डेटा का दुरुपयोग।
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नासिक कुंभ मेले के लिए बनाई जा रही एआई आधारित सर्विलांस प्रणाली सुरक्षा के लिए उपयोगी है, लेकिन उचित साइबर सुरक्षा के बिना यही राष्ट्रीय सुरक्षा की सबसे कमजोर कड़ी बन सकती है। आज की सावधानी ही कल की सुरक्षा की गारंटी है।
– नासिक, सांसद, राजाभाऊ वाजे
