टूट की कगार पर सुनेत्रा पवार की NCP! 22 विधायकों की शरद पवार से मुलाकात का क्या मतलब निकाल रहे लोग
Sunetra Pawar NCP Crisis Sharad Pawar MLA Meeting: सुनेत्रा पवार की राकांपा टूटने की कगार पर। प्रफुल्ल पटेल-सुनील तटकरे की नाराजगी के बीच 22 विधायकों ने की शरद पवार से मुलाकात।
- Written By: अनिल सिंह
शरद पवार और सुनेत्रा पवार (फोटो क्रेडिट-X)
Sunetra Pawar NCP Crisis Sharad Pawar MLA Meeting: महाराष्ट्र में लोकसभा और आगामी अन्य चुनावों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर का गृहयुद्ध एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। चाचा शरद पवार से बगावत कर अलग गुट बनाने वाले अजित पवार के बाद अब पार्टी की कमान सुनेत्रा पवार के हाथों में है, लेकिन वे अपनी ‘घड़ी’ को बिखरने से नहीं बचा पा रही हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम हो गई है कि सुनेत्रा पवार की NCP के 22 विधायक अपने भविष्य को सुरक्षित देखने के लिए दोबारा शरद पवार के खेमे में लौटने की छटपटाहट में हैं और इसी सिलसिले में इन विधायकों ने शरद पवार से मुलाकात भी की है।
इस पूरे ड्रामे की पटकथा तब लिखी गई जब सुनेत्रा पवार द्वारा घोषित की गई नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी से प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे कद्दावर नेता नाराज हो गए। बात तब और बिगड़ गई जब चुनाव आयोग को भेजे गए पार्टी के आधिकारिक दस्तावेजों में सुनील तटकरे के नाम के आगे महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष पद का कोई जिक्र ही नहीं किया गया, जबकि अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के नाम साफ-साफ दर्ज थे। इस अपमान से आहत होकर तटकरे और पटेल ने सीधे शरद पवार से मुलाकात की, जहाँ शरद पवार ने सार्वजनिक मंच से इन दोनों नेताओं के काम की सराहना कर सुनेत्रा गुट के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया।
डैमेज कंट्रोल में जुटीं सुनेत्रा पवार, कुछ नामों पर चलेगी कैंची
पार्टी के भीतर मचे इस घमासान को शांत करने और अपनी बिखरती हुई ताकत को दोबारा समेटने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने खुद कमान संभाली है। कल सुनेत्रा पवार और सुनील तटकरे के बीच बंद कमरे में एक बेहद अहम बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए मौजूदा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़े फेरबदल की तैयारी चल रही है। चर्चा है कि पार्टी के भीतर जारी कलह को शांत करने के लिए एक महिला प्रतिनिधि और सुबोध मोहिते को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
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शरद पवार की रहस्यमयी चुप्पी और सुप्रिया सुले का ‘नो एंट्री’ बोर्ड
22 विधायकों की घर वापसी और दोनों गुटों के विलय (Merger) को लेकर जब शरद पवार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह अपनी रहस्यमयी चुप्पी बनाए रखी और पत्ता नहीं खोला। हालांकि, उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने इस पूरे मुद्दे पर बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अख्तियार किया है। सुप्रिया सुले ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि गद्दारी कर पार्टी छोड़ने वालों के लिए अब रास्ते हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं और भविष्य में दोनों पार्टियों के एक साथ आने या विलय होने की कोई गुंजाइश नहीं है।
पवार की एनसीपी में भी सब ठीक नहीं
सूत्रों का दावा है कि सुप्रिया सुले द्वारा विलय की संभावनाओं पर पूरी तरह पानी फेर दिए जाने के बाद शरद पवार की अपनी पार्टी के भी कुछ वरिष्ठ विधायक और सांसद अंदरूनी तौर पर नाराज हैं। उनका मानना है कि अगर दोनों गुट एक हो जाते, तो आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को एकतरफा मजबूती मिलती। बहरहाल, 22 विधायकों की इस कथित नाराजगी और शरद पवार से उनके संपर्क ने महायुति (सत्तारूढ़ गठबंधन) की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि सुनेत्रा पवार अपनी इस बिखरती हुई घड़ी की सुइयों को कैसे एक दिशा में ला पाती हैं।
