नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ 2027 हजार करोड़ की आर्थिक हलचल और 30 हजार स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

Nashik Kumbh Mela News: कुंभ 2027 से 27,000 करोड़ की आर्थिक गतिविधि का अनुमान है। स्थानीय उद्यमियों के लिए पंचसूत्री योजना और 30,000 लोगों को प्रशिक्षण देकर समावेशी विकास पर जोर दिया जा रहा है।
Kumbh 2027 is set to drive 27,000 cr in economic activity. 30,000 locals will get free training to boost small businesses via direct and induced multiplier effects.
नासिक कुंभमेला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nashik Tourism News: नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभमेला 2027 से लगभग 27 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि होने का अनुमान है। देआसरा फाउंडेशन ने कुंभमेला प्राधिकरण के साथ 'ज्ञान साझेदारी' के तहत यह विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। यह आर्थिक प्रभाव प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष और प्रेरित खर्च के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

खर्च का गणितः प्रत्यक्ष से प्रेरित प्रभाव तक  अध्ययन के अनुसार, कुंभ के दौरान होने वाला खर्च तीन मुख्य स्तरों पर विभाजित है- प्रत्यक्ष खर्चः श्रद्धालुओं द्वारा भोजन, आवास, परिवहन और धार्मिक वस्तुओं पर लगभग 8,500 से 11,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की संभावना है। अप्रत्यक्ष प्रभावः इस खर्च से आपूर्ति श्रृंखला और सेवा क्षेत्रों में लगभग 7,830 करोड़ रुपये की हलचल होगी। प्रेरित प्रभावः बढ़ी हुई आय के कारण जब श्रमिक और व्यवसायी दोबारा खर्च करेंगे, तो लगभग 10,530 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक प्रभाव पड़ेगा।

उद्यमियों के लिए 'पंचसूत्री' योजना अध्ययन में एक महत्वपूर्ण 'इकोनॉमिक मल्टीप्लायर' प्रभाव सामने आया है। श्रद्धालुओं द्वारा किए गए प्रत्येक 1 रुपये के खर्च से बाजार में 2 रुपये से अधिक की अतिरिक्त आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होती है।

देआसरा फाउंडेशन और प्राधिकरण मिलकर पांच प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं

  • धार्मिक वस्तुओं की बिक्रीः पूजा सामग्री और स्मृति चिह्नों का बाजार।
  • खाद्य सेवाएं: होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय व्यंजन,
  • आवास व्यवस्थाः होटल, लॉज और होम स्टे सुविधाएं।
  • मनोरंजनः सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटन स्थल।
  • स्थानीय परिवहनः टैक्सी, ऑटो और बस सेवाएं।

30 हजार लोगों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

स्थानीय सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को इस अवसर का लाभ दिलाने के लिए व्यापक योजना बनाई गई है 30 हजार से अधिक लोगों को निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। मेला क्षेत्र में लगभग 5 हजार स्टॉल और बिक्री केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। यह अनुमान नासिक कुंभ 2015 (3 करोड़ श्रद्धालु) और प्रयागराज महाकुंभ2025 (66 करोड़ श्रद्धालु, 3 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था) के अनुभवों पर आधारित है।

कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विक्रेताओं और लघु उद्यमियों के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर है। देआसरा फाउंडेशन की सीईओ प्रज्ञा गोडबोले ने जोर दिया कि यदि सूक्ष्म उद्यमियों को सही प्रशिक्षण मिले, तो यह वृद्धि समावेशी और दीर्घकालीन होगी।

नासिक सिंहस्थ और त्र्यंबकेश्वर के लिए एक बड़ी आर्थिक संभावना है। हमारा प्रयास है कि इस भारी-भरकम टर्नओवर का सीधा लाभहमारे स्थानीय छोटे व्यवसायियों तक पहुंचे। - शेखर सिंह, आयुक्त, कुंभमेला प्राधिकरण

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