महाराष्ट्र के नांदेड़ में हिली धरती, रिक्टर पैमाने पर 3.8 रही तीव्रता
महाराष्ट्र के नांदेड़ में आज सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर रिक्टर पैमाने पर 3.8 तीव्रता का हल्का भूकंप महसूस किया गया है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
Earthquake(प्रतीकात्मक तस्वीर0
नांदेड़: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से मिली बड़ी खबर के अनुसार यहां के हदगांव के पश्चिम में सावरगांव गांव की सीमा में आज ही सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर रिक्टर पैमाने पर 3.8 तीव्रता का हल्का भूकंप महसूस किया गया है। इस भूकंप की गहराई करीब पांच किलोमीटर रही।इस बाबत जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने दी है। घटना पर विवरण का इंतजार है।
जानकारी हो कि अभी कुछ दिन पहले ही हिमाचल में भी ऐसे ही भकूंप के झटके महसूस हुए थे। तब रिएक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.2 स्केल रही। भूकंप के यह झटके कुल्लू के आसपास महसूस किए गए थे।
यहां पढ़ें – BRICS शिखर सम्मेलन के लिए PM मोदी रूस रवाना, लेकिन पोस्टर से ‘इंडिया’ गायब!
सम्बंधित ख़बरें
PMRDA के तहसील कार्यालयों की बदहाली उजागर, न सुविधाएं न अधिकारी; नागरिकों को मुख्यालय के लगाने पड़ रहे चक्कर
इंदौर के खजराना में मामूली विवाद में चाकूबाजी, CCTV में कैद हुई वारदात, पुलिस ने निकाला आरोपी का जुलूस
महाराष्ट्र में रोज 6 किसान दे रहे जान; रोहित पवार ने कर्जमाफी पर सरकार को घेरा, उद्धव ठाकरे पर कही ये बात
तमिलनाडु में महाजाम का हाहाकार! कावेरी ब्रिज बंद होने से थमी गाड़ियों की रफ्तार, हाईवे पर फूटा जनता का गुस्सा
इसी तरह बीते 17 अक्टुबर को गुजरात के कच्छ जिले में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए थे। तब यह भूकंप बीते गुरुवार सुबह करीब 3 बजकर 54 मिनट पर आया था। इस भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4 बताई गई थी। वहीं इसका केंद्र बिंदु कच्छ के खावडा से करीब 47 किलोमीटर उत्तर पूर्व में था।
वहीं बीते 23 सितंबर को भी गुजरात के कच्छ जिले में 3.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए थे। तब गांधीनगर स्थित ISR ने कहा था कि भूकंप सुबह 10 बजकर पांच मिनट पर दर्ज किया गया था और इसका केंद्र रापर के 12 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में था।
यहां पढ़ें – नाकाबंदी के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में पुणे पुलिस ने जब्त की करोड़ों की नकदी, आयकर और चुनाव आयोग एक्शन में
क्यों और कैसे आते है भूकंप?
जानकारी दें कि, हमारी पृथ्वी की चार प्रमुख परतें हैं, जिसे इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट भी कहा जाता है। बता दें कि पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स हमेशा घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है। लेकिन जब ये प्लेट्स अपनी जगह से खिसकती हैं तो तब भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
