महिला दिवस पर नागपुर में ‘बुलेट क्वींस’ का रोमांच, तस्वीरों में देखें सौंदर्य, स्टंट और साहस का अनूठा प्रदर्शन
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम करने वाली और महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने वाली 'बुलेट रैली' का आयोजन आज 9 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर निर्मल परिवार और ह्यूमैनिटी सोशल फाउंडेशन द्वारा किया गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम करने वाली और महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने वाली 'बुलेट रैली' का आयोजन आज 9 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर निर्मल परिवार और ह्यूमैनिटी सोशल फाउंडेशन द्वारा किया गया।
अजनी रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) मैदान से शुरू हुई इस रैली में 250 से अधिक महिलाएं अपनी बुलेट बजाते हुए शहर के मुख्य मार्गों से उत्साहपूर्वक मार्च कर रही थीं। शहर भर में उत्साह, रैली में ऐतिहासिक छवियों का नजारा देखने को मिला।
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दिलचस्प बात यह है कि इस रैली का यह आठवां वर्ष था और हर साल की तरह इस साल भी महिलाओं ने अपनी उपलब्धियों का शानदार तरीके से प्रदर्शन किया।
इस भव्य समारोह में विधान परिषद विधायक कृपाल तुमाने, रेलवे पुलिस बल के डीआईजीपी संजय जांभुलकर, नागपुर नगर निगम आयुक्त अभिजीत चौधरी के साथ ही पांडुरंग बिरादर, डॉ. पिनाक दंदे और निर्मलाताई मानमोडे गणमान्य व्यक्तियों के रूप में उपस्थित थे।
ह्यूमैनिटी सोशल फाउंडेशन की अध्यक्ष पूजा प्रमोद मनमोड़े के नेतृत्व में आयोजित इस बुलेट रैली के दौरान महिलाओं ने न केवल बहादुरी के साथ सड़कों पर बुलेट चलाई, बल्कि विभिन्न साहसिक स्टंट और नृत्य प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का दिल भी जीत लिया।
महिलाओं द्वारा किए गए हैरतअंगेज करतब, जैसे चलती बुलेट पर खड़ा होना, दोनों हाथों से बुलेट चलाना तथा संतुलन बनाना आदि ने पूरे माहौल को रोमांचकारी बना दिया।
बुलेट रैली अजनी पुलिस ग्राउंड से शुरू हुई और क्रीड़ा चौक, रेशिमबाग, गजानन चौक, तिरंगा चौक, मंगलमूर्ति चौक, भांडे प्लॉट, छोटा ताज बाग, अयोध्या नगर, मानेवाड़ा रोड, तुकड़ोजी चौक से होते हुए प्रारंभिक बिंदु पर वापस लौटी।
इस अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज, शिव शेषनाग, शिवकालीन किले, मोर पंख, सावित्रीबाई फुले और राजमाता जिजाऊ की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गईं।
खासकर बाहुबली हनुमान की वेशभूषा सभी का ध्यान आकर्षित कर रही थी। कार्यक्रम के समापन पर, "बुलेट क्वींस" को सम्मानित किया गया तथा प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए। पूरे शहर ने महिलाओं के अनोखे कारनामे और साहस की सराहना की।
स रैली ने न केवल रोमांचकारी अनुभव प्रदान किया, बल्कि महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ाया। इस रैली में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि समाज में महिलाओं को न केवल सुरक्षा की आवश्यकता है, बल्कि वे स्वयं भी सक्षम हैं।
