मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया 'वारी एनर्जीज' का भूमिपूजन (सौजन्य-नवभारत)
Devendra Fadnavis Solar Hub: नागपुर में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सिटी ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में वारी एनर्जीज लिमिटेड द्वारा स्थापित किए जा रहे देश के सबसे बड़े 10 गीगावाट एकीकृत इनगॉट और वेफर उत्पादन संकुल का भूमिपूजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह प्रोजेक्ट न केवल नागपुर को सौर ऊर्जा के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू आपूर्ति शृंखला को भी मजबूती प्रदान करेगा । देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से बिजली की दरों में 9% से अधिक की कमी आएगी। साथ ही थर्मल पावर से होने वाले प्रदूषण को रोकने में यह मील का पत्थर साबित होगा।
‘मुख्यमंत्री सौर योजना‘ के तहत राज्य में 16,000 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 5,000 मेगावाट का काम पूरा हो चुका है। सरकार सभी किसानों को सौर ऊर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 7 बड़े सौर प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं, जिनमें से 4 अकेले महाराष्ट्र में हैं। इनमें से 3 का भूमिपूजन हो चुका है।
दावोस में हुए समझौतों और ऐसे बड़े निवेशों के माध्यम से महाराष्ट्र 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
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इस कार्यक्रम में वित्त एवं योजना राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, वारी एनर्जी के अध्यक्ष हितेश दोशी, सांसद श्यामकुमार बर्वे, पूर्व सांसद अजय संचेती सहित उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में दोशी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें मुख्यमंत्री की छवि वाली एक विशेष सोलर फोटो फ्रेम भेंट की।
चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दोशी ने कहा कि भारत की क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन केवल रिन्यूएबल डिप्लॉयमेंट से ही नहीं, बल्कि सोलर वैल्यू चेन में मजबूत घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के निर्माण से भी संचालित होगी। नागपुर में एकीकृत इनगॉट और वेफर सुविधा का भूमिपूजन भारत के अपस्ट्रीम सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।