Exam के 'डर' को दूर करेगा विजुअलाइज़ेशन। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्र सिंगल ने हाल ही में 12वीं कक्षा के छात्रों को एक पत्र लिखकर उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम की तर्ज पर छात्रों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया है। डॉ. सिंगल ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से राहत पाने के लिए विजुअलाइज़ेशन तकनीकों का उपयोग करने की सलाह दी है।
डॉ. सिंगल ने कहा कि परीक्षा के दौरान कुछ भी याद न रहना सामान्य बात है और इसका मतलब यह नहीं है कि तैयारी अपर्याप्त है। उन्होंने छात्रों से तनाव महसूस होने पर गहरी सांस लेने और अपनी क्षमताओं का एहसास करने की सलाह दी है। उन्होंने छात्रों से अपनी आंखें बंद करने और परीक्षा हॉल में एक सकारात्मक दृश्य की कल्पना करने को कहा है: आत्मविश्वास के साथ प्रवेश करना, शांति से प्रश्न पत्र पढ़ना और उत्तर लिखना।
डॉ. सिंगल ने कहा कि इस सकारात्मक सोच से मनोबल बढ़ता है और परीक्षा प्रदर्शन में सुधार होता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और परीक्षा के दौरान अपना आत्मविश्वास बनाए रखें।
पुलिस आयुक्त ने अभिभावकों को भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का एक पड़ाव है, अंतिम परिणाम नहीं। उन्होंने कहा कि स्कूली जीवन में औसत रहने वाले कई लोगों ने बड़ी सफलता हासिल की है। आज के समय में विभिन्न अवसर उपलब्ध हैं और हर किसी की क्षमताएं अलग-अलग होती हैं।
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डॉ. सिंगल ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर अतिरिक्त दबाव न डालें और उन्हें समझें। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी क्षमताओं को पहचानने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए समर्थन देना चाहिए। इससे बच्चे परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।
पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्र सिंगल की इस पहल की सराहना की जा रही है। उनके पत्र ने छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया है। उनकी इस पहल से छात्रों को अपना आत्मविश्वास बढ़ाने और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।