नागपुर मेयर का बंगला (सौजन्य-नवभारत)
NMC Mayor Residence: नागपुर महानगरपालिका के इतिहास में ढाई दशक पहले भले ही महापौर के आवास के लिए जगह तो उपलब्ध रही किंतु यह कभी भी महापौर का सरकारी आवास नहीं बन पाया। अब संभवत: पहली बार महापौर के लिए आधिकारिक रूप से आवास मिलने जा रहा है जिसे अमलीजामा पहनाने प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
नागपुर के प्रथम नागरिक यानी मेयर के लिए एक स्थायी और भव्य ठिकाने की तलाश अब खत्म होती नजर आ रही है। पिछले कुछ समय से ‘मेयर बंगले’ को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब विराम लगने वाला है। सूत्रों की मानें तो महानगरपालिका के मेयर के लिए नये सरकारी आवास की प्रतीक्षा जल्द ही समाप्त होने वाली है।
ताजा जानकारी के अनुसार मेयर के बंगले के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है और राज्य सरकार की ओर से इस आवंटन को जल्द ही आधिकारिक ‘हरी झंडी’ मिलने की संभावना है। मनपा सूत्रों के अनुसार कुछ दस्तावेजी प्रक्रिया बची हुई है जिसके बाद जल्द ही राज्य सरकार को पत्र प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद केवल हस्तांतरण की प्रक्रिया बची रहेगी।
मनपा प्रशासन के अनुसार उपमुख्यमंत्री पद पर रहते हुए वर्ष 2022 में ही वर्तमान मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सिटी के महापौर के लिए सरकारी आवास हो, ऐसी इच्छा जताई थी। उनका मानना था कि राज्य की कुछ बड़ी महानगरपालिका में महापौर के लिए बंगला है किंतु उपराजधानी होने के बावजूद यहां बंगला नहीं है। इसके बाद से प्रक्रिया को गति दी गई।
उनके निर्देशों के अनुसार बाद में सिविल लाइंस स्थित महा मेट्रो के पुराने कार्यालय को बदलकर उसे मेयर बंगले के रूप में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया था किंतु कुछ कारणों से यह अटका रहा लेकिन इस बंगले के हस्तांतरण को लेकर प्रशासकीय स्तर पर जिलाधिकारी कार्यालय और मनपा के बीच पत्राचार बदस्तूर जारी रहे जिसे अब आगे बढ़ाया जा रहा है।
मनपा प्रशासन के अनुसार पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से महा मेट्रो को यह बंगला किराये पर दिया गया था जिसके लिए महा मेट्रो से किराया भी वसूल किया जाता रहा है। अब किराये के रूप में महा मेट्रो पर 2 करोड़ से अधिक का बकाया हो चुका है।
यह बंगला महापौर के लिए मनपा को हस्तांतरित करने की दिशा में मार्च 2023 को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र भेजा गया जिसमें यह बंगला महापौर के लिए देने का निर्णय होने की जानकारी देते हुए इसे जल्द खाली कराने के निर्देश दिए गए।
वर्तमान में यह बंगला महा मेट्रो के व्यवस्थापकीय संचालक श्रावण हार्डिकर का आवास है। उनके लिए अन्य जगह आवास की व्यवस्था होते ही मनपा को यह बंगला हस्तांतरित किया जा सकेगा।
मनपा प्रशासन के अनुसार अब 6 फरवरी को महापौर पद का चुनाव होने के बाद किसी भी समय नये महापौर और उपमहापौर पद ग्रहण करेंगे जिसके बाद जल्द से जल्द उनके लिए बंगला उपलब्ध कराने का मानस है जिससे अब जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को पत्र भेजा जाएगा। चूंकि उपमुख्यमंत्री रहते हुए फडणवीस ने 4 वर्ष पहले ही यह इच्छा जताई थी, अत: प्रस्ताव जाते ही इसे हरी झंडी मिलने की आशा भी सूत्रों ने जताई।
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प्रशासन के अनुसार बंगला हस्तांतरण की प्रक्रिया होने के बाद 74,184 वर्गफुट (6,892.03 वर्गमीटर) के इस बंगले को महापौर के लिए तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मनपा का मानना है कि चूंकि वर्तमान में यह पीडब्ल्यूडी की सम्पत्ति है, ऐसे में यदि विभाग से किराये पर मिलता है तो इसके लिए मनपा को किराया देना होगा।
अन्यथा यदि यह सम्पत्ति मनपा को हस्तांतरित होती है तो राज्य सरकार सदन में प्रस्ताव लाकर इसे नाममात्र दरों पर 99 वर्षों की लीज पर मनपा को हस्तांतरित कर सकती है। किस आधार पर बंगला दिया जाए, यह सरकार पर निर्भर है। यदि सम्पत्ति मनपा को हस्तांतरित होती है तो भविष्य में इसकी देखभाल मनपा करेगी।
उल्लेखनीय है कि मनपा की 25 मार्च 2022 को हुई आम सभा में भी महापौर के बंगले के लिए पीडब्ल्यूडी का यह बंगला मांगने का प्रस्ताव रखा गया था। मनपा सदन में चर्चा के बाद इसे मंजूरी प्रदान की गई थी।
मनपा के प्रस्ताव के अनुसार सीताबर्डी अंतर्गत नगर भूमापन क्रमांक 1612 की यह जमीन पीडब्ल्यूडी की तो है लेकिन इसे सार्वजनिक या निम सार्वजनिक उपयोग के रूप में डीपी प्लान में शामिल किया गया है। यही जमीन महापौर के बंगले के लिए सरकार से मांगने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।