नागपुर-अबू धाबी सेंटर विवाद: NTA की जांच में सामने आया हैरान करने वाला सच, सोशल मीडिया के दावों की खुली पोल
Nagpur NTA Exam Centre: नागपुर के एक छात्र को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित होने के मामले के बाद एनटीए की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। एजेंसी ने रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, एनटीए, परीक्षा केंद्र, छात्र, विवाद,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur NTA Exam Centre Abu Dhabi: नागपुर जिले में एक छात्र को अबू धाबी में एग्जाम सेंटर अलॉट करने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर एनटीए के सिस्टम की किरकिरी हो रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एनटीए और सरकार पर निशाना साधा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने रिकॉर्ड्स खंगाले तो हैरान करने वाला सच सामने आया।
एग्जाम सेंटर का मामला क्या है
दरअसल, नागपुर के रहने वाले नीट एस्पिरेट अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब के पिता ने दावा किया था कि उनके बेटे का नीट यूजी एग्जाम 21 जून को है, लेकिन एनटीए की ओर से जो एडमिट कार्ड जारी किया गया है, उस पर एग्जाम सेंटर अबू धाबी के स्कूल का है। पिता ने यह भी बताया था कि इससे उनका बेटा इस घटना से टूट गया है। उसके पास न तो पासपोर्टहै और न ही परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे हैं।
वो पूरा रात रोया और अब नीट एग्जाम भी नहीं देना चाहता। उसकी मां उसे समझाने की कोशिश कर रही है। छात्र के पिता ने बताया कि कल शाम 4 बजे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर हमें पता चला कि सेंटर अबू धाबी का एक स्कूल है।
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हम हैरान रह गए क्योंकि हमने ऐसा कोई ऑप्शन नहीं चुना था। हमने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया। उन्होंने हमें मेल भेजने के लिए कहा। मेल भेजने के बाद हमें कॉल आया कि शनिवार शाम 4 बजे तक हमें नया एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। हमने ऑप्शन के तौर पर 3 जिले चुने थे।
एग्जाम से ठीक पहले की मदद
एनटीए ने कहा कि नीट री-एग्जाम के लिए एग्जाम सिटी करेक्शन विडो के दौरान उम्मीदवार द्वारा अबू धाबी केंद्र चुने जाने के बावजूद एनटीए को 19 जून की शाम (परीक्षा से ठीक 48 घंटे पहले) केंद्र बदलकर नागपुर करने का एक अनौपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ।
एनटीए के कर्मचारियों ने तुरंत बदलाव की प्रक्रिया शुरू की और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने में मदद के लिए 19 तारीख की शाम को ही उम्मीदवार के पिता से संपर्क किया।
एजेंसी का कहना है कि एनटीए की प्रायोरिटी यह है कि कोई भी उम्मीदवार किसी प्रशासनिक संदेह के कारण परीक्षा देने से न चूके। इस घटना के बाद एनटीए ने बताया कि नीट यूजी की तारीख बदलने के बाद लगभग 3.2 लाख उम्मीदवारों ने करेक्शन विडो का इस्तेमाल किया और एनटीए ने उनमें से 99.5% से अधिक को उनकी पसंद का परीक्षा शहर अलॉट किया।
स्टूडेंट लॉगिन से दो बार देखा था अबू धाबी सेंटर
एनटीए ने देखा कि उम्मीदवार के लॉगिन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके सेंटर को अबू धाबी में बदला गया और दो बार यह देखा गया कि केंद्र अबू धाबी है। इसके बावजूद एनटीए ने उम्मीदवार के अनुरोध को स्वीकार किया और केंद्र बदलने की कार्रवाई की।
NTA ने बताई पूरी कहानी
एनटीए ने कुछ ही देर में इस मामले पर तुरंत रिस्पांस किया, एनटीए ने शिकायत पर कार्रवाई करके अगले कुछ घंटों में उम्मीदवार को नागपुर में एक सेंटर अलॉट करने की बात कही। छात्र को नागपुर में नया एग्जाम सेंटर अलॉट कर दिया गया। हालांकि एनटीए ने इस घटना की जो पूरी कहानी बताई है, वह हैरान कर देने वाली है। एनटीए का कहना है कि नीट यूजी की तारीख 21 जून को किए जाने के बाद छात्र ने खुद अबू धाबी एग्जाम सेंटर चुना था।
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इसके अलावा दो बार यह भी चेक किया गया था कि एग्जाम सेंटर अबू धाबी है। एजेंसी ने अपने एक्स अकाउंट के माध्यम से पूरी जानकारी देते हुए कहा कि एनटीए के देव-एक्टिविटी रिकॉर्ड से पता चलता है कि इस मामले में शहर बदलने का काम करेक्शन विडों के खुले रहने के दौरान उम्मीदवार के अपने रजिस्टर्ड लॉगिन के माध्यम से किया गया था, जिसमें एक ही यूजर के एक्सेस करने का पैटर्न दिखा।
