

NTA On Nagpur Candidate Abu Dhabi Exam Centre Issue: देशभर में 21 जून को होने वाली नीट री-एग्जाम में नागपुर के एक उम्मीदवार अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को अबू धाबी का परीक्षा केंद्र अलॉट होने के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। NTA ने आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई सामने रखी है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट के जरिए इस पूरे विवाद में सफाई दी है और बताया कि नागपुर के छात्र को आबू धाबी सेंटर कैसे मिला। NTA ने अपने बयान में कहा कि NEET UG 2026 की तारीख बदलकर 21 जून किए जाने के बाद छात्रों की सहूलियत के लिए 'एग्जाम सिटी करेक्शन विंडो' दोबारा खोली गई थी। इस सुविधा का लाभ करीब 3.2 लाख उम्मीदवारों ने उठाया, जिनमें से 99.5% से अधिक छात्रों को उनकी पहली पसंद का शहर आवंटित किया गया।
नीट री-एग्जाम दे रहे नागपुर के उम्मीदवार अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब के मामले में NTA के वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड्स खंगालने पर चौंकाने वाली बात सामने आई। रिकॉर्ड के अनुसार, सुधार विंडो के दौरान उम्मीदवार के ही रजिस्टर्ड लॉगिन आईडी और क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके परीक्षा शहर को बदला गया था। डेटा दिखाता है कि एक ही यूजर पैटर्न के जरिए कुल तीन बार इस एक्टिविटी को अंजाम दिया गया, जिसमें एक बार केंद्र को अबू धाबी बदला गया और दो बार इसकी पुष्टि की गई।
NTA ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रशासनिक उलझनों या किसी तकनीकी संदेह के कारण किसी भी होनहार छात्र की परीक्षा न छूटे। NTA के मुताबिक, उम्मीदवार की तरफ से खुद अबू धाबी का विकल्प चुनने के बाद भी परीक्षा से ठीक 48 घंटे पहले यानी 19 जून की शाम को एजेंसी को एक अनौपचारिक अनुरोध मिला। इसमें छात्र का परीक्षा केंद्र अबू धाबी से बदलकर वापस नागपुर करने की मांग की गई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए NTA के अधिकारियों ने तुरंत ऐक्शन लिया। 19 जून की रात को ही उम्मीदवार अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब के पिता से संपर्क साधा गया ताकि आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करके केंद्र को बदला जा सके। एजेंसी ने साफ किया कि नियमों और तय समय-सीमा के बाद अनुरोध मिलने के बावजूद, छात्र के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए उसका परीक्षा केंद्र नागपुर री-अलॉट कर दिया गया है।