सीएम फडणवीस ने किया राज्य स्तरीय आदिवासी महोत्सव का उद्घाटन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Tribal Event: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक आदिवासी नागरिक को वन भूमि का पट्टा प्रदान कर रही है और उनकी संस्कृति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार, आदिवासी विकास विभाग के साथ मिलकर आदिवासी कल्याण के लिए मजबूती से कार्य कर रही है। जनजाति वर्ष के उपलक्ष्य में, भगवान बिरसा मुंडा द्वारा दिए गए संदेश के अनुसार आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और संस्कृति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
फडणवीस मानकापुर विभागीय क्रीड़ा संकुल में 15 से 17 नवंबर तक आयोजित राज्य स्तरीय आदिवासी सांस्कृतिक महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की प्रमुख उपस्थिति में उनके हाथों महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके, राज्य मंत्री इंद्रनील नाईक, मुख्य सचिव राजेश कुमार और सचिव विजय वाघमारे उपस्थित थे।
सीएम ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जनजातीय वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उनके गौरवशाली जीवन को एक ऐतिहासिक पुस्तक में संजोया गया है और एक स्मारक भी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अनेक योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समाज का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। आश्रम शालाओं का स्तर सुधारा गया है। ‘स्वयं योजना’ और ‘धरती आबा कार्यक्रम’ के तहत 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं को मिलाकर 32 जिलों के 5,000 गांवों में मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। रानी दुर्गावती सक्षमीकरण योजना के माध्यम से 1.5 लाख आदिवासी महिलाओं को 50 हजार से 1.5 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता दी गई है। इसके अलावा 37 एकलव्य विद्यालयों के छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा स्पर्धाओं में भाग लेने का अवसर मिला है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश के विकास में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। भगवान बिरसा मुंडा समाज के गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने सुशोभित परंपराओं को संरक्षित रखने वाले आदिवासी समाज की सराहना की और सर्वांगीण विकास के लिए संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी भाइयों-बहनों के विकास के लिए हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं।
आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने बताया कि अप्रैल से भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के निमित्त सांस्कृतिक मंच की स्थापना की गई है, जिसमें 40 हजार युवक-युवतियों ने पंजीयन करवाया है और अनेक सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
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इस अवसर पर सुराबर्डी (नागपुर) स्थित गोंडवाना आदिवासी सांस्कृतिक संग्रहालय और आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण उपकेंद्र का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा कई विकास कार्यों का ऑनलाइन लोकार्पण भी किया गया।भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी पर आधारित चित्रमय पुस्तक और आदिवासी परंपरा व सृजनशीलता पर आधारित कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।