कुछ आरोपी बाहर से भी थे। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: नागपुर हिंसा पर नागपुर पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। घटना के संबंध में तेरह मामले दर्ज किए गए हैं और 114 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। कुछ मामलों में आरोपी बाहर से थे और कुछ नागपुर के ही थे।
नागपुर के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सबूत के आधार पर जांच चल रही है। साइबर टीम और सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा नजर रखी जा रही है, और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल काफी अच्छे से कार्य कर रहा है। काफी लोग इसमें पहचाने गए हैं, और एविडेंस के आधार पर उन पर कार्रवाई की जा रही है।’
ज्ञात हो कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर दक्षिणपंथी संगठनों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान आयत लिखी चादर जलाए जाने की अफवाह फैलने के बाद हिंसक भीड़ ने 17 मार्च सोमवार को नागपुर के कई इलाकों में पथराव और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
#WATCH | Maharashtra | On Nagpur violence, Nagpur Police Commissioner Ravinder Singal says, “…Action is continuously being taken against those involved in the incident…Thirteen cases have been filed in connection with the incident and more than 114 accused have been… pic.twitter.com/pb4Mr49o08 — ANI (@ANI) March 25, 2025
तो वही नागपुर हिंसा के मुख्य आरोपी फहीम खान के घर पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र है और यहां कानून को अपने हाथ में लेना सही नहीं है।
Nagpur, Maharashtra: On bulldozer action in Nagpur, Congress leader Hussain Dalwai says, “This is completely wrong. The Supreme Court has stated that they should be given a chance, served a notice, and only then should the matter be thoroughly examined before taking any… pic.twitter.com/FhwUX4ceIt — IANS (@ians_india) March 25, 2025
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि हमारा महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू जी महाराज, महात्मा फुले और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का राज्य है। यह उत्तर प्रदेश नहीं है। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या बुलडोजर उत्तर प्रदेश से आया है? अगर सरकार अपने हाथ में कानून लेने लगी, तो महाराष्ट्र वैसा नहीं रहेगा। वह कौन से विचारों का महाराष्ट्र बनाना चाहते हैं? यह सवाल अब पैदा हो गया है।
महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…
हुसैन दलवई ने कुणाल कामरा विवाद पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कुणाल कामरा एक आर्टिस्ट हैं और उन्होंने ऐसा क्या कहा है इस पर इतना हंगामा करने की क्या जरूरत है? उनका ऑफिस को तोड़ दिया गया। सरकार के लोग ही अपने हाथ में कानून लेने लगे, तो आम आदमी क्या करेगा? कामरा ने जो भी कहा है, उसे नजरअंदाज करो।
उन्होंने कहा कि वो इतना डर क्यों रहे हैं? मुझे लगता है कि वह एक कलाकार हैं और इसमें डरने की क्या बात है। देश के संविधान ने उन्हें बोलने का अधिकार दिया है और उस अधिकार को छीनना बिल्कुल गलत बात है, इसलिए बुलडोजर का इस्तेमाल करके उनके घर तोड़ना या ऑफिस पर कार्रवाई करना बिल्कुल गलत है।
संजय राउत के ‘कुणाल कामरा और मेरा डीएनए एक है’ वाले बयान पर दलवई ने कहा कि अगर संजय राउत ने ये बात कही है, तो इसका मतलब साफ है कि दोनों के विचार एक हैं। मुझे लगता है कि विचार एक समान हो सकते हैं, काफी बार सबके विचार काफी अलग होते हैं, लेकिन कभी-कभी मुझे भी लगता है कि मेरे और सामने वाले शख्स के विचार एक समान हो सकते हैं। उनके इस बयान का स्वागत करना चाहिए।