समृद्धि महामार्ग पर मौत का तांडव! 88% लोगों की नहीं बची जान, 22 महीनों में 254 मौतें, पढ़िए रिपोर्ट
Samruddhi Expressway Accidents: समृद्धि महामार्ग पर हादसे बेहद घातक—22 महीनों में 291 दुर्घटनाओं में 254 मौतें, मृत्यु दर 88%. राज्यभर में हाईवे दुर्घटनाएं और मौतें बढ़ते खतरे का संकेत।
- Written By: प्रिया जैस
समृद्धि महामार्ग पर हादसे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nagpur-Mumbai Expressway Deaths: पिछले 9 महीनों में राज्य में 10,720 सड़क दुर्घटनाओं में 11,532 लोगों की मौत हुई। राज्य में राज्य महामार्ग और राष्ट्रीय महामार्ग भी खतरनाक हो गए हैं। राज्य में राज्य महामार्गों पर होने वाली कुल दुर्घटनाओं में मृत्यु दर 54.6 प्रतिशत है। बता दें कि नागपुर-मुंबई महामार्ग सर्वाधिक घातक हो गया है।
इस मार्ग पर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 291 दुर्घटनाएं हुईं और 254 लोगों की मौत हुई। विशेष रूप से इस महामार्ग पर दुर्घटना में मृत्यु की संभावना 88 प्रतिशत है। समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। इसमें प्रौद्योगिकी का उपयोग, यातायात नियमों का प्रवर्तन और आवश्यक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना शामिल है।
नागपुर-धुले मार्ग पर मौतें
यही कारण है कि समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं में मृत्यु का प्रतिशत, जो 2024 में 92 प्रतिशथ था, 2025 में घटकर 83.2 प्रतिशत हो गया, लेकिन मौतों की संख्या अब भी चिंता का विषय बना हुई है। 2022 के अंत में नागपुर-मुंबई समृद्धि मार्ग खुलने के बाद यह यात्रा की तुलना में दुर्घटनाओं के लिए प्रसिद्ध हो गया। बीते 22 महीनों में समृद्धि पर कुल 291 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 254 लोगों की मौत हुई।
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सर्वाधिक दुर्घटनाएं नागपुर-धुले मार्ग पर हुईं। यहां मौतों की संख्या 950 रही। नागपुर-वर्धा-यवतमाल मार्ग पर दुर्घटनाओं और मौतों का विश्लेषण किया गया। इससे यह साफ हुआ कि इस मार्ग पर मृत्यु की संभावना 52.7 प्रतिशत है। यातायात विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा आरटीआई कार्यकर्ता अभय कोलारकर को दी गई जानकारी से यह स्पष्ट है कि समृद्धि राजमार्ग पर दुर्घटना के बाद बचने की संभावना कम है।
शहर में दुर्घटनाओं में मृत्यु 25.9 प्रश
नागपुर में 2 सालों में 2,242 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 580 लोगों की मौत हुई। ग्रामीण इलाकों में 1,716 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 806 लोगों ने जान गंवाई। शहर में दुर्घटनाओं और मौतों की तुलना करें तो 25.9 प्रतिशत नागरिकों की मौत हुई। ग्रामीण इलाकों में यह प्रतिशत 47 है। जिले में सड़कों पर मौत की संभावना 36.45 प्रतिशत है।
2.22 प्रतिशत मौतें नाबालिगों की
राज्य में 2024 से अक्टूबर 2025 तक दुर्घटनाओं में मरने वाले कुल महिलाओं और पुरुषों में 18 वर्ष से कम आयु के युवाओं का प्रतिशत 2।22 है। 2024 में दुर्घटनाओं में 1,835 महिलाओं की मृत्यु हुई। उसी वर्ष 18,880 पुरुषों ने भी दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई। इसमें 18 वर्ष से कम आयु के 349 लोग शामिल हैं। जनवरी से अक्टूबर 2025 तक दुर्घटनाओं में 1,620 महिलाओं और 11,146 पुरुषों ने अपनी जान गंवाई। इस वर्ष का नाबालिगों का डेटा उपलब्ध नहीं है।
- 291 दुर्घटनाएं हुईं बीते 22 महीनों में
- 254 लोगों ने हादसों में जान गंवाई
- 54.6 प्रश मृत्यु दर राज्य महामार्गों पर
- 51.2 प्रश नागपुर-धुले मार्ग पर
- 52.7 प्रश नागपुर-यवतमाल मार्ग पर
समृद्धि पर दुर्घटनाएं और मौतें
| वर्ष | दुर्घटना | मृत्यु |
|---|---|---|
| 2024 | 137 | 126 |
| 2025 | 154 | 128 |
| कुल | 291 | 254 |
(दुर्घटनाओं की तुलना में मृत्यु दर 88 प्रतिशत)
नागपुर-धुले मार्ग पर हादसे
| वर्ष | दुर्घटना | मृत्यु |
|---|---|---|
| 2024 | 1,051 | 519 |
| 2025 | 808 | 431 |
| कुल | 1,859 | 950 |
(दुर्घटनाओं की तुलना में मृत्यु दर 51.2 प्रतिशत)
नागपुर-वर्धा-यवतमाल मार्ग पर दुर्घटनाएं
| वर्ष | दुर्घटना | मृत्यु |
|---|---|---|
| 2024 | 1,051 | 519 |
| 2025 | 808 | 431 |
| कुल | 1,859 | 950 |
(दुर्घटनाओं की तुलना में मृत्यु दर 52.7 प्रतिशत)
राज्य महामार्गों पर दुर्घटनाएं और मौतें
| वर्ष | दुर्घटना | मृत्यु |
|---|---|---|
| 2024 | 5,814 | 3,169 |
| 2025 | 4,607 | 2,518 |
| कुल | 10,421 | 5,687 |
(दुर्घटनाओं की तुलना में मृत्यु दर 54.6 प्रतिशत)
नवभारत लाइव के लिए राजेश प्रायकर की रिपोर्ट
