RTMNU में शीतकालीन परीक्षाएं टलीं! छात्रों में असमंजस का माहौल, सीनेट सदस्य ने VC से मांगा जवाब
RTMNU Winter Exam 2025: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में शीतकालीन परीक्षाएं अब तक शुरू नहीं हुई है। इससे छात्रों में असमंजस का माहौल है।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर युनिवर्सिटी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nagpur University Exam Delay: विश्वविद्यालय की शीतकालीन परीक्षाओं को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अब तक विश्वविद्यालय द्वारा तिथि की घोषणा नहीं की गई है। इस संबंध में सीनेट सदस्य एड। मनमोहन वाजपेयी ने उपकुलपति को पत्र लिखकर प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की शीतकालीन परीक्षाएं हमेशा 15 अक्टूबर तक शुरू हो जाती हैं। इनमें पूरक परीक्षाएं और विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं होती हैं लेकिन अभी तक यह परीक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। परीक्षाएं तो दूर, आज तक परीक्षा कार्यक्रम भी जारी नहीं किया गया है। इससे छात्रों में असमंजस का माहौल बना हुआ है।
पुनर्मूल्यांकन कब होगा?
परीक्षाएं देरी से होने का मतलब है कि परिणाम भी देरी से घोषित किए जाएंगे। इसके बाद पुनर्मूल्यांकन कब होगा, यह अनिश्चितता बनी हुई है। इस तरह के तमाम सवाल छात्रों के सामने हैं। इस वजह से छात्रों को कठिन मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ रहा है। इसके अलावा छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के अंकों में सुधार, नाम में गलतियों में सुधार, लिंग परिवर्तन में सुधार और अन्य प्रकार की गलतियों सहित कई कारणों से अपनी मार्कशीट विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग में जमा कराई हैं।
सम्बंधित ख़बरें
परिवार नियोजन ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, भंडारा के 6 डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज
World Poha Day : इंदौरी से लेकर अवलक्की तक, भारत के 8 सबसे स्वादिष्ट पोहे; जिनका स्वाद एक बार जरूर चखना चाहिए
World Poha Day 2026: सुदामा की पोटली से लेकर इंदौर की गलियों तक, जानिए भारत के पसंदीदा नाश्ते की दिलचस्प कहानी
नागपुर विश्वविद्यालय का नया कारनामा: सुबह ली बीकॉम की परीक्षा और दोपहर में की रद्द, बीएससी का पेपर भी बदला
यह भी पढ़ें – महाराष्ट्र के 65 अधिकारियों के हुए तबादले, नागपुर में मेघना वासकर-मंगेश खवले की हुई एंट्री
उन्हें मार्कशीट कब मिलेगी? इस विषय पर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से छात्रों को जो जवाब मिल रहा है वह परेशान करने वाला है। छात्रों को बताया जा रहा है कि नई सॉफ्टवेयर कंपनी को काम दिए जाने के कारण इसमें कुछ समय लग रहा है। यह बेहद खेदजनक है। प्रशासन जल्द से जल्द कोई निर्णय ले।
यदि परीक्षा कार्य के लिए टेंडर जारी किया जाना था तो प्रक्रिया पहले क्यों नहीं शुरू की गई? यदि काम नई कंपनी को दिया जाना था तो पुरानी कंपनी से परीक्षा डेटा न लेने के लिए कौन जिम्मेदार है और यदि कोई दोषी है तो कार्रवाई करनी होगी। इस संबंध में वाजपेयी ने राज्यपाल को भी पत्र भेजा है।
