RSS सरसंघचालक मोहन भागवत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
RSS Sambhag Structure Maharashtra: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कुछ संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। पहले जो ‘प्रांत’ थे उन्हें अब उन्हें ‘संभाग’ कहा जाएगा। नई संरचना के तहत राज्य स्तर पर क्षेत्र के बाद प्रदेश और उसके बाद संभाग होंगे। 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में इस पर विचार-विमर्श कर यह बदलाव किया गया।
प्रांत संघचालक दीपक तामशेट्टीवार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस प्रतिनिधि सभा में संघ के विभिन्न उपक्रमों पर मंथन किया गया। उन्होंने बताया कि 1.25 लाख से अधिक नये स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं और 61,000 से अधिक नये स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया है।
संघ का शताब्दी वर्ष 2 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ है। इस अवसर पर संघ ने कुछ कार्यक्रमों की योजना बनाई। समालखा में हुई प्रतिनिधि सभा में 2025 की तुलना में 2026 में हुई वृद्धि की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसमें 55,683 स्थानों पर 88,949 शाखाएं चल रही हैं। इसमें 32,606 साप्ताहिक मिलन और 13,211 संघ मंडली शामिल हैं। विजयादशमी के अवसर पर देशभर में कुल 62,655 उत्सव मनाए जाते हैं।
इनमें 32,45,141 युवा और बाल स्वयंसेवक सहभागी होते हैं। इसमें 22,656 पथ संचलन होते हैं। अब तक 46 प्रांतों में से 37 प्रांतों के अनुसार 3,89,465 गांव; 31,143 बस्तियों और 10,02,12,162 घरों से संपर्क साधा गया। इनमें 9,11,88,023 लोगों को पत्रक वितरित किए गए। वहीं 84,13,582 पुस्तकों की बिक्री की गई। हिंदू सम्मेलनों का भी आयोजन किया गया जिसमें पुरुष और महिला मिलाकर कुल 3,44,35,211 लोग सहभागी हुए।
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उन्होंने बताया कि विदर्भ में कुल 2,502 शाखाएं हैं। इनमें 1,399 स्थानों पर विजयादशमी उत्सव मनाया जाता है। गृह संपर्क अभियान के तहत विदर्भ के कुल 12,459 गांव के अलावा 1,173 बस्तियों और 29,74,851 घरों से संपर्क किया गया। 31 लाख लोगों को पत्रक वितरित किए गए। 50,000 से अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। वहीं आयोजित हिंदू सम्मेलनों की संख्या 1,732 है। इस दौरान विदर्भ प्रांत कार्यवाह अतुल मोघे और महानगर कार्यवाह रवींद्र बोकारे भी उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र स्तर पर गुजरात और महाराष्ट्र ऐसे क्षेत्र हैं जहां अब नये राजनीतिक प्रदेश बनाए जाएंगे। संभाग की इस नई संरचना में भी बदलाव किया गया है। पहले गुजरात में 2 और महाराष्ट्र में 4 ऐसे कुल 6 प्रांत थे। अब 10 संभाग होंगे। इनमें गुजरात में 3 और महाराष्ट्र में 7 संभाग होंगे। महाराष्ट्र में कोंकण, पश्चिम, उत्तर, पूर्व, पश्चिम विदर्भ और अन्य का समावेश रहेगा।