
RPF कर्मी बने डकैत (AI Generated Image)
Nagpur News: जब ‘रक्षक’ ही ‘भक्षक’ बन जाएं तो आम नागरिक के मन-मस्तिष्क पर ऐसी गहरी और पीड़ादायक छाप पड़ती है जिसे भुला पाना जीवनभर संभव नहीं होता। यात्रियों की सुरक्षा और उनकी जान-माल की रक्षा के लिए तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने आगरा स्टेशन पर ऐसा ही एक शर्मनाक और अमानवीय चेहरा उजागर किया।
माता वैष्णोदेवी के दर्शन कर ट्रेन 16318 हिमसागर एक्सप्रेस से नागपुर लौट रहे यात्रियों के साथ आगरा स्टेशन पर 6 से 7 आरपीएफ जवानों ने डकैती जैसा व्यवहार करते हुए खाकी वर्दी को कलंकित कर दिया।
इस घटना के शिकार नागपुर निवासी खिंची परिवार और घोड परिवार हुए हैं। यात्रियों में शामिल चेतन खिंची ने बताया कि कुल 5 यात्री बी-2 कोच की सीट संख्या 52, 68, 69, 70 और 71 पर यात्रा कर रहे थे। ट्रेन करीब 6।10 बजे आगरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंची। इसी दौरान चेतन और उनके साथी रवि चाय लेने प्लेटफॉर्म पर उतर गए।
चेतन के अनुसार, सिग्नल मिलने के बाद जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी तभी एक अज्ञात युवक कम्पार्टमेंट में घुसा और चेन पुलिंग कर भाग गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि महज आधे से एक मिनट के भीतर ही 6 से 7 आरपीएफ जवान मौके पर पहुंच गए और बिना किसी जांच के सीधे यात्रियों पर चेन पुलिंग करने का आरोप लगाते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरपीएफ जवानों की इस असाधारण फुर्ती को देखकर यात्रियों को संदेह हुआ कि कहीं चेन पुलिंग करने वाला युवक उन्हीं का पंटर तो नहीं था।
रवि ने बताया कि मेरे साथ मेरी पत्नी और डेढ़-डेढ़ वर्ष के 2 जुड़वाँ बच्चे हैं। मैं और चेतन दौड़ते हुए अपनी सीट पर पहुंचे तो सभी आरपीएफ वालों ने हमें ऐसे दबोचा जैसे हमने किसी की हत्या कर दी हो। हम सभी, मेरी पत्नी और अन्य सहयात्री भी उन्हें समझा रहे थे कि चेन पुलिंग किसी ओर ने की है लेकिन आरपीएफ कर्मियों पर लूट का भूत सवार था। उन्होंने रवि की गर्दन को ऐसा दबोचा जैसे मार ही डालेंगे।
वे रवि को ही ट्रेन से उतारने की कोशिश करने लगे। इतना ही नहीं, रवि की पत्नी की गोद में मासूम बच्चे की भी चिंता नहीं की। पत्नी ने विरोध किया तो एक आरपीएफ कर्मी ने कहा कि ‘वो नहीं चल रहा तो तुझे ही ले जाते हैं।’ इसके बाद उन्होंने गोद में डेढ़ वर्ष का बच्चा लिये महिला का हाथ पकड़कर उसे ही खींचना शुरू किया। महिला ने बड़ी मुश्किल से खुद को गिरने से बचाया, ताकि बच्चे को चोट न लगे लेकिन आरपीएफ कर्मियों को कोई रहम नहीं आया।
हैरानी की बात है कि डकैत आरपीएफ कर्मी जिस चेन पुलिंग का अपराध बता रहे थे, विवाद के दौरान ट्रेन चलने पर उन्होंने ही 2 बार चेन पुलिंग कर रोक दी। इसी दौरान कुछ सहयात्रियों ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उन्हें भी ऐसा करने से मना करते हुए कार्रवाई की धमकियां देनी शुरू कर दीं।
आरपीएफ जवानों के आक्रामक और डराने वाले रवैये से मजबूर होकर रवि उनके साथ आरपीएफ पोस्ट चलने को तैयार हो गया। चेतन अन्य परिजनों को लेकर भय और अपमान का अनुभव लिए हिमसागर एक्सप्रेस से नागपुर के लिए रवाना हो गए।
रवि ने बताया कि आरपीएफ पोस्ट ले जाकर रवि को मोबाइल नंबर 8755101487 पर आधार कार्ड की फोटो मांगी और पेनल्टी के नाम पर पूरे 7,000 रुपये ले लिए। फिर खाली रसीद पर जबरन साइन कराकर छोड़ दिया। इसके बाद रवि किसी तरह तेलंगाना एक्सप्रेस से नागपुर पहुंचा।
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घटना के बाद चेतन के मित्रों ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। नेटवर्क न होने के कारण चेतन की पत्नी और नागपुर के एक अन्य मित्र ने शिकायत दर्ज कराई लेकिन हैरानी की बात यह रही कि बिना शिकायतकर्ता से पुष्टि किए ही मामला बंद कर दिया गया, जबकि नियमों के अनुसार समाधान की पुष्टि के बाद ही केस क्लोज किया जाता है।
चेतन और रवि ने एक स्वर में कहा कि हम देवी दर्शन से आ रहे थे। चेन पुलिंग के झूठे आरोप के बाद आरपीएफ कर्मियों की इस डकैती ने खाकी वर्दी से हमारा विश्वास हिल गया है। आंख में आंसू लिये रवि ने कहा कि खींचातानी में मेरी पत्नी और बच्चा गिर सकता था। यदि उन्हें कुछ होता तो कौन जिम्मेदार रहता। आगरा स्टेशन पर अन्य यात्रियों के साथ ऐसी डकैती रोकने के लिए हम रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा (आईपीएस) से भी शिकायत करेंगे।






