नागपुर में बारिश का इंतजार या बाढ़ का खौफ? खुदी सड़कें और चोक नालियां बस्तियों में ढाएंगी ‘आसमानी कहर
Nagpur Monsoon Preparations: नागपुर में मानसून से पहले खुदी सड़कों, बंद नालियों और अधूरे कामों ने बस्तियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को डर है कि तेज बारिश होने पर कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर मानसून, जलभराव, खुदी सड़कें,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Monsoon Drainage Problem: नागपुर में बारिश सिर पर है और किस दिन आसमानी कहर बरपेगा, कहा नहीं जा सकता। धुआंधार बारिश का शहरवासी बड़ी बेसन्नी से इंतजार तो कर रहे हैं लेकिन अनेक बस्तियों के लोग ऊपरवाले से यह भी प्रार्थना कर रहे हैं कि बरसना जरूर लेकिन कहर बनकर नहीं।
इसका कारण है उनकी बस्तियों की खुदी हुई सड़कें, गलियां, जगह-जगह लगे मलबे के ढेर और पाइन लाइन व चैम्बर बनाने के लिए खोदे गए गहरे-गहरे गड्डे, निश्चित तौर पर ऐसी जगहों पर बारिश का पानी जमा होने वाला है क्योंकि निकासी के लिए बनीं नालियां चोक हो चुकी हैं। सड़कों व गलियों में नदी-नाले बहने वाले हैं और इसका पूरा पानी रोड लेवल से नीचे की बस्तियों में घरों में घुसने वाला है। ये खुदी हुई सड़कें व गलियां इस बारिश में जमकर कहर ढाने वाली हैं, यह निश्चित समझा जा रहा है।
खुदाई कर गायब हुआ ठेकेदार
दक्षिण नागपुर के महालक्ष्मीनगर व अंबिकानगर में 3-4 गलियों के सीमेन्टीकरण के लिए सड़कों की पूरी खुदाई कर दी गई है और ठेकेदार गायब हो गया है। अब बारिश सिर पर है। अगर आसमानी आफत बरसी तो इन गलियों में रहने वाले नागरिकों की परेशानी का सबब बनेगी। अनेक बस्तियों में ऐसा ही हाल है। अनेक जगहों पर चैम्बर बनाने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं और अधूरे पड़े हैं। सीमेन्ट की सड़कों को केबल लाइन डालने के लिए खोदा जा रहा है।
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मलबा वहीं जमा है और बारिश में कीचड़ बनेगी। ठेकेदारों की लेटलतीफी और संबंधित विभागों के अधिकारियों की उदासीनता के कारण पूरे शहर का हुलिया बिगड़ने वाला है।
वाहनों के धंसने का खतरा पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों के किनारे जो खुदाई की गई थी उसे मलबे से ही भरकर छोड़ दिया गया था। बारिश से मलबा धंसेगा और नाली के जैसे लंबे गड्ढे बनेंगे। इन गड्डों में पानी भी भरेगा।
अगर धोखे से कोई वाहन चालक इसमें उतर गया तो गिरकर जख्मी ही होगा। अनेक सड़कों में तो ट्रक व अन्य भारी वाहनों के धंसने का खतरा भी हो गया है। शहर में जिन-जिन सड़कों पर पानी की पाइप लाइन, केबल लाइन आदि डालने के लिए खुदाई की गई उस परिसर का हाल बेहाल हो गया है।
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मानेवाड़ी चौक से म्हालगीनगर चौक तक ओवरब्रिज का काम मंद गति से चल रहा है। रोड के दोनों साइड एक ही बड़े वाहन निकलने की जगह है और वाहनों के दबाव से गट्ट धंस गए हैं। बड़े गड्ढे तक बन गये हैं। ये बारिश में वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित होने वाले हैं।
साइड में नहीं लगे गट्टू
सड़कों के सीमेन्टीकरण के बाद कई जगहों पर साइड में गहू नहीं लगाए गए है। स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के चैम्बर भी आधे-अधूरे छोड़ दिये गए हैं। बारिश का पानी जमा होना तय है। निकासी नहीं होने के कारण जमा पानी में मच्छरों की पैदावार भी होगी। अभी तो सारा सरकारी अमला चुनाव कार्य में व्यस्त है। इसलिए ठेकेदारों की मनमानी कोई देखने वाला नहीं है। अनेक बस्तियों में तो कचरे व मलबे की सफाई तक नहीं हो रही है जिससे नागरिक त्रस्त हो चुके हैं।
