नागपुर के वांजरा में पानी के लिए हाहाकार; 4 महीने से टूटी पाइपलाइन, मरम्मत के लिए अधिकारी ने मांगा MLA फंड

Nagpur Water Crisis: नागपुर के वांजरा में सीमेंट रोड निर्माण के दौरान टूटी पाइपलाइन 4 महीने से नहीं सुधरी। भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे लोग, अधिकारी फंड न होने का दे रहे बहाना।
Residents of Wanjara in Nagpur face severe water crisis as a pipeline broken during road work remains unrepaired for 4 months due to civic apathy.
टूटी पाइपलाइन (सोर्स सोशल मीडिया)
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Nagpur Wanjara Layout: गर्मी के इस भीषण मौसम में वांजरा इलाके के निवासी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 4 महीनों से सीमेंट सड़क निर्माण के दौरान टूटी पानी की पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो सकी। इससे भी अधिक हैरान करने वाली बात यह कि जब नागरिक शिकायत लेकर जाते हैं, तो अधिकारी फंड न होने का हवाला देते हुए विधायक फंड से पैसे लाने की अजीबोगरीब मांग कर रहे हैं।

वांजरा लेआउट स्थित भारत गैस गोदाम के पास रहने वाले डॉ.अभय गजभिये ने इस संबंध में मनपा के निगमायुक्त को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई। डॉ। गजभिये के अनुसार उनके क्षेत्र में सीमेंट रोड के निर्माण कार्य के दौरान खुदाई में उनके घर को जाने वाली पानी की पाइपलाइन बुरी तरह टूट गई थी।

इसके कारण पिछले 4 महीनों से जल आपूर्ति पूरी तरह ठप है और भीषण गर्मी में परिवार को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. गजभिये नियमित रूप से अपने पानी के बिलों का भुगतान करते आ रहे हैं। उन्हें इस मौलिक सुविधा से वंचित रखा गया है।

अधिकारी का बेतुका जवाब

डॉ. गजभिये ने बताया कि उन्होंने कई बार आसीनगर जोन के अधिकारी पंचभाई से मरम्मत का अनुरोध किया लेकिन पंचभाई ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि पानी की पाइपलाइन की मरम्मत के लिए विभाग के पास कोई फंड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने शिकायतकर्ता से कहा कि वे उत्तर नागपुर के विधायक से इस छोटे से मरम्मत कार्य के लिए 'MLA फंड' की मांग करें।

डॉ. गजभिये ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि टूटी हुई पाइपलाइन जैसी छोटी समस्याओं के लिए विधायक फंड की मांग करना अत्यंत आश्चर्यजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी काम से बचने के लिए बहाने बना रहे हैं और उच्च्च अधिकारियों को गलत जानकारी दे रहे हैं।

शिकायतों का अंबार पर समाधान शून्य

इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही साफ दिखाई देती है। नागरिक ने अपनी इस समस्या को लेकर 23 फरवरी 2026 को ही प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत (GOVMH/E/2026/0002215) दर्ज करा दी थी।

इसके बाद 14 मई 2026 को जल प्रदाय विभाग के कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वाइकर और आसीनगर जोन के सहायक आयुक्त को भी पत्र लिखे गए, लेकिन सारे प्रयास व्यर्थ रहे और कोई कार्रवाई नहीं हुई हद तो तब हो गई जब 24 अप्रैल 2026 को सरकारी पोर्टल पर यह बेतुकी टिप्पणी डालकर शिकायत का निपटारा होने का उल्लेख कर मामले को बंद करने का प्रयास किया गया।

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