

Maharashtra politics: नवंबर की शाम 7.30 बजे जामखेड़ नगर परिषद चुनाव प्रचार सभा के दौरान विधान परिषद सभापति, संपूर्ण सभागृह और विधान परिषद सदस्यों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप में राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार पार्टी (राकां एसपी) के पदाधिकारी सूर्यकांत मोरे के खिलाफ हक्कभंग कार्रवाई शुरू करने का आदेश उपसभापति नीलम गोर्हे ने दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी जांच कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हक्कभंग प्रस्ताव समिति पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्यवाही तय करेगी।
गोर्हे ने बताया कि मोरे का वक्तव्य सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिससे स्पष्ट है कि उन्होंने चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन किया है। यह मुद्दा विधान परिषद सदस्यों प्रवीण दरेकर और श्रीकांत भारतीय ने उठाते हुए इसे सदन और सभापति का गंभीर अपमान बताया। प्रस्ताव को सत्ता पक्ष, विपक्ष और राकां एसपी के सदस्यों तक ने समर्थन दिया।
दरेकर ने आरोप लगाया कि जिस मंच से यह अपमानजनक बातें कही जा रही थीं, उस दौरान रोहित पवार और सुषमा अंधारे मौजूद थीं और उन्होंने मोरे को रोकने के बजाय हंसकर समर्थन दिया। अमोल मिटकरी ने मांग की कि ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने मूक समर्थन दिया। श्रीकांत भारतीय ने कहा कि व्यक्तिगत राजनीति अलग है, लेकिन सभापति और सदन का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अन्य सदस्यों अनिल परब, विक्रम काले, राजेश राठोड़, शशिकांत शिंदे, अभिजीत वंजारी, मिलिंद नार्वेकर, कृपाल तुमाने इत्यादि ने भी कड़ी कार्रवाई की वकालत की।
उपसभापति गोर्हे ने मीडिया को निर्देश दिया कि वायरल वीडियो को आगे प्रसारित न किया जाए तथा मोरे के वक्तव्य को शब्दशः प्रकाशित न किया जाए। साथ ही हक्कभंग समिति को सशक्त बनाने के लिए नियमों को और कड़ा करने की आवश्यकता भी जताई।