नागपुर पूनम चैंबर्स अवैध निर्माण विवाद: हाई कोर्ट में पुष्टि के बाद याचिका का निपटारा, हटाया गया अनधिकृत ढांचा
Nagpur Poonam Towers Illegal Construction: पूनम टावर्स और पूनम चैंबर्स के अवैध निर्माण को हटाए जाने और कार्रवाई का खर्च जमा होने के बाद हाई कोर्ट ने कुमार होटल्स की याचिका का निपटारा कर दिया।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, अवैध निर्माण, हाई कोर्ट,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Poonam Towers Case: नागपुर पूनम टावर्स और पूनम चैंबर्स में हुए अवैध निर्माण को लेकर पूर्व पार्षद विजय बाभरे की ओर से याचिका दायर की गई जिस पर गत समय हुई सुनवाई के दौरान मनपा ने इन दोनों का अवैध निर्माण हटाने का आश्वासन देते हुए दोनों इकाइयों के मालिक को नोटिस जारी किया था।
इसे चुनौती देते हुए कुमार होटल्स के मालिक एन. कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान पुष्टि होने के बाद कि विवादित अनधिकृत निर्माण को हटा दिया गया है और तोडू कार्रवाई का खर्च जमा कर दिया गया है, न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने याचिका का निपटारा कर दिया।
याचिकाकर्ता कुमार होटल्स प्रा. लि. (अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एन. कुमार हरचंदानी के माध्यम से) ने मनपा के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए एक आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। इस आदेश में मनपा ने होटल को अपना अनधिकृत ढांचा (अवैध निर्माण) हटाने का सख्त निर्देश दिया था।
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निर्माण गिराने का वचन
10 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान जब अदालत ने याचिकाकर्ता को किसी भी प्रकार की राहत देने से स्पष्ट इनकार कर दिया तो याचिकाकर्ता ने स्वयं ही अदालत को आश्वस्त किया कि वे 24 नवंबर 1998 के पुराने नोटिस में उल्लेखित अवैध निर्माण को खुद ही ढहा देंगे।
उन्होंने अदालत को वचन दिया था कि यह तोडू कार्य 16 फरवरी 2026 से शुरू किया जाएगा और 31 मार्च 2026 तक इसे पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा। अदालत ने तब सख्त निर्देश दिए थे कि तोड़ कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट तस्वीरों के साथ प्रस्तुत की जाए, साथ ही यह चेतावनी भी दी गई थी कि यदि याचिकाकर्ता 16 फरवरी तक काम शुरू नहीं करता है तो मनपा 17 फरवरी से खुद तोड़क कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
अवैध निर्माण हटा, मनपा को मिला कार्रवाई का खर्च
बुधवार को हुई मामले की अंतिम सुनवाई में याचिकाकर्ता अदालत में अनुपस्थित रहा। हालांकि मनपा की ओर से पेश हुए अधि, जेमिनी कासट ने अदालत को सूचित किया कि अनधिकृत निर्माण को अब सफलतापूर्वक हटा दिया गया है और इस आशय का एक हलफनामा पहले ही रिकॉर्ड पर दर्ज कराया जा चुका है।
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नागपुर मनपा के वकील ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि 16 अप्रैल 2026 को अदालत द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में याचिकाकर्ता (कुमार होटल्स) ने तोड़ कार्रवाई का खर्च भी जमा कर दिया है। अदालत ने मनपा की मांग को स्वीकार करते हुए, उन्हें उचित आवेदन देकर इस जमा राशि को निकालने की अनुमति प्रदान कर दी है। चूंकि अवैध निर्माण को सफलतापूर्वक हटाया जा चुका है और कार्रवाई का खर्च भी जमा किया जा चुका है, इसलिए अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।
