

Nagpur Municipal Corporation: नागपुर महानगरपालिका के अमृत महोत्सव के अवसर पर शहर के 75 उद्यानों के सौंदर्याकरण के लिए आर्किटेक्ट कंपनी की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए दूसरी निविदा जारी की गई है। चूंकि पहली निविदा प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी आवेदक नागपुर से थे, इसलिए मनपा ने पहली प्रक्रिया रद्द कर दी और व्यापक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए नई निविदाएं आमंत्रित की। वर्तमान में मनपा के अधिकार क्षेत्र में 204 उद्यान हैं। इनमें से चयनित 75 उद्यानों के सौंदर्याकरण की योजना मनपा की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बनाई गई है।
इस पहल के तहत उद्यानों को आकर्षक और आधुनिक रूप देने के लिए विशेषज्ञ आर्किटेक्ट कंपनी की नियुक्ति की जाएगी। पहली निविदा प्रक्रिया में 22 इच्छुक कंपनियों ने भाग लिया। हालांकि सभी आवेदक नागपुर से ही थे, इसलिए अन्य शहरों और राज्यों की विशेषज्ञ कंपनियों को अवसर देने और अधिक प्रतिस्पर्धी निविदाएं प्राप्त करने के उद्देश्य से पहली निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी गई। इसके बाद दूसरी बार निविदाएं आमंत्रित की गईं।
उद्यान विभाग में मैन पावर की कमी एक बड़ी समस्या है। विभाग को कम से कम 10 वृक्ष अधिकारियों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 4 अधिकारी ही कार्यरत हैं इसलिए 6 और वृक्ष अधिकारियों की नियुक्ति आवश्यक है। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में वृक्ष अधिकारी के अधीन 2 पर्यवेक्षक होने चाहिए लेकिन इन पदों की भी कमी है। यदि शहर के उद्यानों का प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित करना है तो मनपा की प्राथमिकता कर्मचारियों की आवश्यकता को पूरा करना होगी।
नागपुर मनपा कई परियोजनाओं को बड़े उत्साह से शुरू करती है लेकिन बाद में रखरखाव और प्रबंधन की उपेक्षा के कारण कई परियोजनाओं की हालत दयनीय हो जाती है। 75 उद्यानों के सौंदर्याकरण की महत्वाकांक्षी पहल को शुरू करते समय उनके नियमित रखरखाव, सुरक्षा, स्वच्छता और प्रबंधन के लिए एक अलग व्यवस्था स्थापित करना उतना ही आवश्यक होगा, अन्यथा करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए पाकों की हालत फिर से ढाक के तीन पात वाली हो जाएगी।
''75 पार्टी के सौंदर्याकरण के लिए आर्किटेक्ट नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। चूंकि पहले निविदा में सभी प्रतिभागी नागपुर से थे, इसलिए व्यापक प्रतिस्पर्धा के लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित की गई। अब बाहरी कंपनिया भी भाग ले रही हैं और अगली प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।''
- मनपा, वृक्ष संरक्षण अधिकारी, अमोल चौरपगार