नाना पटोले-मनोज जरांगे-चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nana Patole: कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने ओबीसी-मराठा आरक्षण पर पलटवार करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री ओबीसी वर्ग के हैं। बावजूद इसके ओबीसी को न्याय नहीं दिया जा रहा है। किसी को भी दूसरे के हिस्से का आरक्षण देने की जरूरत नहीं है। इस मुद्दे का निराकरण करना है तो जातिनिहाय जनगणना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर हो गए इसलिए ऐसा नहीं कह रहे।
कांग्रेस की भूमिका हमेशा ही यही रही है। वे नागपुर में पत्रकारों से बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा का झूठ वर्षों से देश देख रहा है। मराठा व ओबीसी सभी को सरकार ने फंसाया है। मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन को रोकना है तो गणेशोत्सव में सकारात्मक विचार सरकार को करना चाहिए। जरांगे को भी न्यायालय के निर्णय का पालन करना चाहिए व सरकार को आगे आकर उनसे चर्चा करनी चाहिए।
नाना पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल नहीं हुआ, इसका जवाब मिलना चाहिए अन्यथा कोई सरकार पर विश्वास नहीं रखेगा। किसान आत्महत्या करते समय सरकार का नाम लेता है, सरकार के नाम चिट्ठी लिखता है, इसलिए सरकार पर मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरांगे को मुंबई में क्यों आने देना, उनसे चर्चा करें। ऐन गणेशोत्सव में आंदोलन हो रहा है। महाराष्ट्र का यह उत्सव है। आंदोलन से लोगों को परेशानी न हो यह सरकार को देखना चाहिए।
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राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मराठा आरक्षण पर कांग्रेस से अपनी भूमिका स्पष्ट करने की हिम्मत दिखाने को कहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी कहते हैं कि ओबीसी आरक्षण कायम रखो, जातीय जनगणना कराओ लेकिन महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता ओबीसी आरक्षण कम कर मराठों को देने की बात करते हैं। कांग्रेस की आखिर भूमिका क्या है? उसे स्पष्ट करना चाहिए।