Nagpur Municipal Corporation News: नागपुर में बड़ी संख्या में अनधिकृत मोबाइल टावर खड़े होने का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। मंत्री उदय सामंत ने स्वीकार किया कि शहर में अनधिकृत टावर मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि टावर स्थापना को लेकर राज्य की अलग नीति अभी तय नहीं है और फिलहाल केंद्र सरकार की नीति लागू की जा रही है।
हालांकि, दटके की मांग के बाद राज्य सरकार 90 दिनों के भीतर मोबाइल टावरों से संबंधित स्पष्ट नीति तैयार करेगी।
दटके ने कहा कि नागपुर शहर में मोबाइल टावरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2014 में जहां केवल 175 टावर थे, वहीं अब यह संख्या हजार से अधिक हो चुकी है।
शहर में करीब 2000 मोबाइल टावर मौजूद हैं, लेकिन इनमें से केवल 254 टावरों के लिए ही महानगरपालिका में अनुमति के आवेदन दिए गए हैं।
दटके ने यह भी आरोप लगाया कि सैकड़ों टावर बिना अनुमति के खड़े होने के कारण महानगरपालिका को शुल्क और कर के रूप में मिलने वाला करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।
उन्होंने सरकार से शहर के सभी मोबाइल टावरों का जोनवार सर्वेक्षण कराने, अवैध टावरों को हटाने, और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की।