जंगल सफारी बंद होने की उल्टी गिनती शुरू; बाघों के दीदार के लिए देश-विदेश से नागपुर पहुंच रहे वाइल्डलाइफ लवर्स
Nagpur Jungle Safari: मानसून से पहले पेंच और ताडोबा टाइगर रिजर्व में अंतिम दौर की सफारी के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कई लोकप्रिय गेटों की बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है।
- Written By: अंकिता पटेल
जंगल सफारी, पेंच टाइगर रिजर्व, ताडोबा, मानसून, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Pench Tiger Reserve: नागपुर शहर में जंगल सफारी पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए पसंदीदा भ्रमण में से एक है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा के मद्देनजर मानसून के दौरान जंगल सफारी बंद कर दी जाती है। मानसून सीजन के चलते जंगल सफारी बंद होने की अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। ऐसे में पेंच टाइगर रिजर्व और ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में ‘एंड ऑफ सीजन’ सफारी बुकिंग को लेकर पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
अंतिम दौर की सफारी का आनंद लेने के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटक तेजी से बुकिंग करा रहे हैं। स्थिति यह है कि दोनों टाइगर रिजर्व के कई लोकप्रिय प्रवेश द्वारों की सफारी बुकिंग पहले ही हाउसफुल हो चुकी है, जबकि शेष गेटों पर भी सीटें तेजी से भर रही हैं। वन्यजीव प्रेमी बाघ, तेंदुआ, गौर, जंगली कुत्तों सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार का अवसर नहीं छोड़ना चाहते। इसके चलते बुकिंग की मांग लगातार बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार मानसून के दौरान अधिकांश कोर क्षेत्र पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाते हैं, इसलिए सीजन समाप्त होने से पहले सफारी की मांग हर वर्ष बढ़ जाती है।
मानसून सफारी में कर होंगे वन्यजीवों के दीदार
गौरतलब है कि मध्य भारत के प्रमुख वन्य पर्यटन स्थलों में शामिल पेंच और ताडोबा में गर्मी के मौसम में वन्यजीवों की बेहतर साइटिंग होने से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाती है। हालांकि मानसून में जंगल के कोर गेटों से जिप्सियों के प्रवेश पर प्रतिबंध होता है लेकिन बफर गेट पर्यटकों के लिए खुले होते हैं। ऐसे में पर्यटक मानसून सफारी में वन्यजीवों के दीदार कर सकेंगे।
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गोरेवाड़ा जू को मिलेगा बूस्ट
गर्मियों में बच्चों का समर वेकेशन होने के कारण कई परिवार जंगल सफारी का रुख करते हैं। अब मानसून में कोर क्षेत्रों में सफारी पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे में कई पर्यटक वन्यजीवों के दीदार और प्रकृति का लुत्फ उठाने गोरेवाड़ा जू का रुख करते हैं। ऐसे में गोरेवाड़ा जू में पर्यटन को बूस्ट मिल सकता है।
आधिकारिक आदेश भी कर दिया गया जारी
हर वर्ष लगभग 3 माह के लिए जंगल सफारी को बंद रखा जाता है। बताते चलें कि अमूमन 1 जुलाई से 30 सितंबर तक जंगल सफारी रद्द होती है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि ताडोबा टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्रों में जंगल सफारी 30 जून से 30 सितंबर तक बंद रहेगी। हालांकि पेंच टाइगर रिजर्व की पुष्टि नहीं हो सकी लेकिन सूत्रों के अनुसार 15 जून से पेंच के कोर क्षेत्रों में सफारी बंद होने की संभावना है।
