नागपुर के जूनियर कॉलेजों में पढ़ाई ठप: शिक्षकों की SIR ड्यूटी से अभिभावकों और छात्रों में असमंजस
Teachers Election Duty: महाराष्ट्र में 11वीं की कक्षाएं शुरू होने के बावजूद मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
11वीं प्रवेश, जूनियर कॉलेज, शिक्षक ड्यूटी,(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Junior College Classes Affected: नागपुर राज्य के जूनियर कॉलेजों में 11वीं की क्लासेस 15 जुलाई से शुरू हो चुकी हैं लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों और शिक्षण संस्थाओं का कहना है कि इससे नए सत्र की पढ़ाई बाधित हो रही है और छात्रों व अभिभावकों के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो गया है।
SIR ड्यूटी से 11वीं की पढ़ाई प्रभावित, शिक्षक परेशान
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा संचालनालय की ओर से राज्य में 11वीं की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 15 जुलाई से कक्षाएं शुरू हो गई हैं लेकिन इसी दौरान चल रहे एसआईआर अभियान में सरकारी और अनुदानित विद्यालयों के साथ-साथ जूनियर कॉलेजों के शिक्षकों को भी केंद्र स्तरीय अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
इससे नियमित शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिक्षकों का कहना है कि 11वीं में प्रवेश लेने वाले छात्र पहली बार कॉलेज जीवन में कदम रखते हैं। ऐसे समय में शिक्षकों की अनुपस्थिति से उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक मार्गदर्शन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
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मूल विषयों का अभ्यास नहीं होने से नुकसान
शिक्षक भारती संगठन के प्रा. सपन नेहरोत्रा ने बताया कि 11वीं की कक्षाएं शुरू हो चुकी है लेकिन 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षक एसआईआर कार्य में व्यस्त है। एक ओर सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दे रही है तो दूसरी ओर शिक्षकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े राष्ट्रीय दायित्व निभाने पड़ रहे है।
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इसके अलावा पहले से ही शिक्षकों के कई पद रिक्त है जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी परिस्थितियों में शिक्षक पढ़ाई कैसे कराएं और छात्रों व
अभिभावकों को क्या जवाब दें। विजुक्टा के महासचिव डॉ. अशोक गव्हाणकर ने बताया कि 11वीं की पढ़ाई पर ही 12वीं की पढ़ाई निर्भर रहती है। सत्र के अंत तक 11वीं का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद छात्रों की 12वीं की पढ़ाई शुरू हो जाती है लेकिन इस बार स्थिति विचित्र बनी हुई है।
शिक्षकों के एसआईआर के काम में होने से पढ़ाई पर असर हो रहा है। मूल विषयों का अभ्यास नहीं होने से छात्रों का नुकसान हो रहा है। इस ओर शिक्षा विभाग को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
